हिन्दू संगठनों कहा कि इसी वर्ष इस रास्ते पर काँवड़ यात्रा नहीं निकलने दी गई थी। मुस्लिमों ने सावन माह के दौरान यहाँ से निकलने वाली काँवड़ यात्रा का यह कह कर विरोध किया था कि यह नई परंपरा है।
किसी असामाजिक तत्व ने मंदिर परिसर में ही हरे रंग का इस्लामिक झंडा गाड़ दिया था। झंडे में किसी मस्जिद का चित्र बना हुआ है। ऊपर अरबी भाषा में कुछ इस्लामिक लाइनें लिखी हुई हैं।