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नाम ‘मुंबई चलो रैली’, नारे ‘सर तन से जुदा’ के: AIMIM नेता ने जुटाए जो हुड़दंगी उनसे सड़क खाली कराने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज, FIR भी दर्ज

महाराष्ट्र में AIMIM ने हिंदू संत रामगिरी महाराज और भाजपा के नितेश राणे द्वारा कथित तौर पर इस्लाम विरोधी टिप्पणियों के विरोध में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले ‘चलो मुंबई तिरंगा रैली' का आयोजन किया था। 22 सितंबर को एक रैली AIMIM के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष सैयद मोइन ने आयोजित की थी।

AIMIM के नेता सैयद मोइन और इम्तियाज जलील की अगुवाई में निकाली गई रैली के कारण शहर में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद मुंबई पुलिस ने मंगलवार (24 सितंबर) को सड़क जाम करके अराजकता फैला रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने शहर के कोपरी हाईवे पर ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन करने के लिए AIMIM कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR भी दर्ज की है।

रिपोर्ट के अनुसार, घटना सोमवार (23 सितंबर) की रात करीब 11:30 बजे हुई। यह घटना तब हुई, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उनके नेता इम्तियाज जलील मौके पर नहीं हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद इस्लामी कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर घंटों इंतजार करते हुए अराजकता फैलाई। इसके बाद मुंबई पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके कई वीडियो सामने आए हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि रैली को मुलुंड चेक नाका पर रोक दिया गया और 12,000 से ज़्यादा इस्लामी प्रदर्शनकारियों को छत्रपति संभाजीनगर में अपने घरों को वापस जाने को कहा गया। मुलुंड चेक नाका पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार की रात को बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, एसीपी और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक भी मौके पर मौजूद थे।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई पुलिस ने ने जलील और उनके नेतृत्व वाली रैली को शहर में घुसने से रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी। पुलिस ने शहर की सभी सीमाओं पर चेक पोस्ट स्थापित किए और कहा कि AIMIM के नेता और किसी भी मुस्लिम संगठन को मुलुंड चेक पोस्ट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुंबई पुलिस और ठाणे पुलिस ने कल मिलकर यह सुनिश्चित किया कि शहर की शांति को भंग करने वाले किसी भी मुस्लिम संगठन या AIMIM समूह को शहर में नहीं आने दिया जाए। हालाँकि, हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोपरी हाईवे पर सड़कें जाम कर दीं। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में AIMIM ने हिंदू संत रामगिरी महाराज और भाजपा के नितेश राणे द्वारा कथित तौर पर इस्लाम विरोधी टिप्पणियों के विरोध में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले ‘चलो मुंबई तिरंगा रैली’ का आयोजन किया था। 22 सितंबर को एक रैली AIMIM के महाराष्ट्र उपाध्यक्ष सैयद मोइन ने आयोजित की थी।

इसके अगले दिन यानी 23 सितंबर को AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने एक और रैली आयोजित की। दोनों रैलियाँ छत्रपति संभाजीनगर से महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई तक निकाली गईं। जलील ने कल सभा के दौरान कहा कि कथित तौर पर बढ़ते जातिगत और धार्मिक विभाजन का सामना करने की तत्काल आवश्यकता है।

जलील ने कहा, “महाराष्ट्र में जाति और धर्म की दीवारें खड़ी की जा रही हैं। दंगे भड़काने की कोशिश की जा रही है। मंच पर मुसलमानों को धमकाया जा रहा है। क्या ये गैरकानूनी काम नहीं हैं? क्या कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए? मैं राणे के खिलाफ उनके भड़काऊ बयानों के लिए कई एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं होने से चिंतित हूँ।”

जलील ने आगे कहा कि उनका इरादा सीएम को यह याद दिलाना था कि यह देश संविधान के अनुसार… कानून के अनुसार काम करेगा। उन्होंने कहा, “हम ऐसा कानून चाहते हैं जो जाति या धर्म के आधार पर बयानबाजी या धार्मिक हस्तियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी पर रोक लगाए। अगर ऐसे बयान दिए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानून होने चाहिए।”

उन्होंने कहा कि रैली शांतिपूर्ण होगी, लेकिन पहली रैली में भाग लेने वाले इस्लामवादियों ने भड़काऊ नारे लगाए और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की मौत की माँग की। दूसरी रैली में मुंबई में सड़कों को अवरुद्ध करने का प्रयास किया गया। ‘रास्ता रोको’ रैली का आयोजन करने वाले AIMIM कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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