लखनऊ के इन दंगों में आरोपित 57 लोगों के नाम उनके पते साथ होर्डिंग्स बनवाकर शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर लगाए गए थे। यह सभी आरोपित लखनऊ के हसनगंज, हजरतगंज, कैसरबाग और ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के हैं। बता दें कि पहले ही प्रशासन ने 1.55 करोड़ रुपए की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए इनको वसूली के नोटिस जारी किए गए थे।
रविवार की छुट्टी होने के बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CAA के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन करने वालों का फोटो सहित पोस्टर व होर्डिंग लगाने के मामले में सुनवाई की। इन पोस्टरों को हटवाने का आदेश जारी किया। इसके तुरंत बाद...
एक-एक मस्जिद, मदरसे की निगरानी करने को कहा गया है। कुछ भी संदिग्ध मिलने पर एडीजी को तत्काल सूचना भेजने का आदेश दिया गया है। नेपाल की सीमा से सटे जिलों में अचानक से बड़ी संख्या में मस्जिद, मदरसे सामने आए हैं।
बरसाना से रवाना होते ही दूर दराज से पहुँच रहे लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो जाती है। कोई बरसाना में मौजूद मंदिरों के दर्शन कर रहा था तो कोई मंदिरों में खेले जाने वाली लड्डू मार होली का आनंद ले रहा था। यही क्रम देर रात तक चलता रहा।
यूपी पुलिस ने लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर 57 दंगाइयों के पोस्टर लगाए हैं। दंगाइयों को संपत्ति के नुकसान की वसूली का नोटिस भी दिया गया है। हिंसा फैलाने वाले सभी उपद्रवियों के पोस्टर और बैनर लगाए जाएँगे। जुर्माना नहीं देने पर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद भू-माफिया और बकरी चोरी के आरोपित मोहम्मद आजम खान पिछली सरकार में नगर विकास विभाग के मंत्री थे और वर्ष 2016-17 में हुई इन भर्तियों के समय जल निगम उन्हीं के विभाग के अधीन था।
“एक बात नोट कर लें... ये ‘कयामत का दिन’ कभी नहीं आने वाला है। लोकतंत्र की आड़ में आगजनी करने की छूट सरकार नहीं देगी। तोड़फोड़ करने की छूट नहीं देगी और जिसने किया है उससे वसूली भी करेगी।”
इससे पहले योगी सरकार ने दंगाइयों को सबक सिखाने के लिए करीब 498 लोगों की संपत्तियों को जब्त करने के लिए चिन्हित किया था। गौरतलब है कि बुलंदशहर के मुस्लिमों ने जिला मजिस्ट्रेट को 6 लाख रुपये का भुगतान किया था।
इससे पहले योगी सरकार द्वारा मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर जनसंघ के संस्थापक सदस्य दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया था। इसके बाद इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या रखा गया था।
इस पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोपित पर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर चॉंद ने दो फोटो अपलोड कर उनकी तुलना करते हुए योगी के लिए अभद्र टिप्पणी की थी।