Thursday, October 6, 2022

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संविधान संशोधन

भारत अनादि काल से आध्यात्मिक रहा है, संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ जोड़ने से देश की छवि धूमिल हुई: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस

संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़ने से देश की छवि को नुकसान हुआ है। यह कहना है जस्टिस पंकज मित्तल का।

बढ़ता आरक्षण हो, समान नागरिक संहिता या… कुछ और: संविधान दिवस बनेगा विमर्शों का कारण, पिछले 7 सालों में PM मोदी ने दी है...

विमर्शों का कोई अंतिम या लिखित निष्कर्ष निकले यह आवश्यक नहीं पर विमर्श हो यह आवश्यक है क्योंकि वर्तमान काल भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की यात्रा के मूल्यांकन का काल है।

ईशनिंदा कानून की माँग, यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध: भारत में हिंदू बना रहे सेकुलर, मुस्लिमों को चाहिए शरिया

मुस्लिम समाज औरों से धर्म निरपेक्षता की उम्मीद करता है पर खुद धर्मनिरपेक्ष होने के लिए तैयार नहीं है। बोर्ड के प्रस्ताव में केवल मुस्लिम समाज के ईशों की निंदा की बात की गई है।

आरक्षण किसे और कब तक: समान नागरिक संहिता पर बात क्यों नहीं? – कुछ फैसले जो अभी बाकी हैं

भारत की धर्म निरपेक्षता के खोखलेपन का ही सबूत है कि हिंदुओं के पास आज अपनी एक 'होम लैंड' नहीं है जबकि कथित अल्पसंख्यक...

लव जिहाद पर ‘संविधान पढ़ो’… लेकिन 3-तलाक पर ‘कानून से सामाजिक बुराई खत्म नहीं’ – ओवैसी का डबल स्टैंडर्ड

"इस तरह का कानून संविधान के खिलाफ है। स्पेशल मैरिज एक्ट को तब खत्म कर दें। कानून की बात करने से पहले उन्हें संविधान को पढ़ना चाहिए।”

BJP ने संविधान में भगवान राम सहित हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को चित्रित किया – फैक्ट चेक

"BJP की सरकार ने हिंदू भगवानों (भगवान राम, माँ काली, भगवान हनुमान और कई अन्य) की तस्वीर को संविधान के नए संस्करण में जोड़ा है।"

नए नक्शे पर नेपाल ने संविधान संशोधन टाला, भारतीय इलाके को बताया था अपना हिस्सा

नेपाल ने पिछले दिनों नया नक्शा प्रकाशित किया था। इस मसले पर होने वाले संविधान संशोधन पर चर्चा टाल दी गई है।

क्या बदला जा सकता है संविधान? लोकतंत्र की मर्यादा पुनर्स्थापित करने वाला केस

'केशवानंद भारती बनाम केरल सरकार' वाले ऐतिहासिक केस ने संविधान की मर्यादा को पुनर्स्थापित किया। इसे भारतीय न्यायपालिका का सबसे 'लैंडमार्क फ़ैसला' कहा जाता है। एक ऐसा निर्णय, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा और संविधान की अक्षुण्णता को बरक़रार रखा।

70 साल में पहली बार J&K में संविधान दिवस: अब तक 103 संशोधन, पहला राज्यसभा के गठन से भी पहले

भारतीय संसद ने संविधान में अब तक 103 बार संशोधन किए हैं। इनमें से केवल एक को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताया। पहला और अंतिम, दोनों संशोधन सामाजिक न्याय से संबंधित थे।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हुआ आरक्षण विधेयक, क्या रही पक्ष और विपक्ष के नेताओं की राय

राज्यसभा में भी विधेयक पारित हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए ट्विटर पर जनता को बधाई दी

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