Saturday, October 16, 2021

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स्वतंत्रता संग्राम

अंग्रेजों ने कैसे भारतीय महिलाओं को बनाया ‘सेक्स स्लेव’: 12-15 महिलाएँ 1000 ब्रिटिश सैनिकों की पूरी रेजिमेंट को देती थीं सेवाएँ

ब्रिटिश शासन में सैनिकों के लिए भारतीय महिलाओं को सेक्स स्लैव बनाया गया था। 12-15 महिलाएँ 1,000 सैनिकों को देती थीं सेवाएँ।

अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति की अमर मिसाल प्रीतिलता वड्डेदार: महज 21 साल की उम्र में देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले कई वीर स्वतंत्रता सेनानी गुमनामी में चले गए। इनमें से एक बंगाल की पहली महिला बलिदानी प्रीतिलता वड्डेदार भी हैं।

अंग्रेजों से रेवाड़ी को दिलाई मुक्ति, स्वतंत्रता के लिए दुनिया की खाक छानी: काबुल में राव तुला राम ने ली थी आखिरी साँस

सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नायकों में एक राव तुला राम की आज (23 सितंबर) पुण्यतिथि है। राव तुला राम का जन्म 9 दिसंबर 1825 के दिन रेवाड़ी में हुआ था।

वो जाट राजा जिन्होंने अफगानिस्तान में बनाई भारत की पहली सरकार: नेहरू ने दी उपेक्षा, मोदी सरकार में सम्मान

जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने 1915 में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारत की पहली निर्वासित सरकार का गठन किया, जिसके वो राष्ट्रपति बने।

पहले खुदीराम बोस… दूसरे कौन? 20 की उम्र में मुस्कराते हुए फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी, जिन्होंने सुनवाई में वकील भी नहीं किया

क्रांतिकारी कन्हाईलाल दत्त को अलीपुर जेल में सत्येन्द्रनाथ बोस के साथ मिल कर गद्दार नरेन्द्र गोस्वामी को मौत के घाट उतारने के लिए जाना जाता है।

स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों की सूची से हटेंगे ‘मोपला विद्रोह’ के 387 नाम: आज़ादी की लड़ाई नहीं, था हिन्दुओं का नरसंहार

भारत सरकार ने 'मालाबार विद्रोह' (मोपला हिन्दू नरसंहार) में शामिल लोगों के नाम 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों' की सूची से हटाने का फैसला लिया है।

‘हिन्दू हूँ, पुनर्जन्म लेकर स्वतंत्र भारत में फिर आऊँगा’: गीता पाठ कर फाँसी के फंदे पर झूलने वाला ‘काकोरी’ का नायक

जब वे जेल में थे तो अंग्रेजों ने डर के मारे 2 दिन पहले ही फाँसी दे दी। उनकी मृत्यु के बाद भी अंग्रेज भयभीत थे।

‘अंग्रेजों के वफादार सिख किसानों ने ही सिख क्रांतिकारियों को पकड़वाया’: उस वायसराय ने बताया था, जो बोस के हमले में बच निकला

दिल्ली के चाँदनी चौक पर बोस के हमले में गवर्नर जनरल लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंग बीवी सहित बच निकला, पर उसका कंधा फट गया। बाद में उसने अपने कार्यकाल को लेकर कई खुलासे किए।

‘…तो गाँधी बन जाओगे’ – लाला लाजपत राय के अंग्रेज हत्यारे को मारने की प्लानिंग में क्यों और किसने लिया गाँधी का नाम?

भगत सिंह और उनके क्रन्तिकारी साथियों राजगुरु और सुखदेव ने मिल कर लाला लाजपत राय के हत्यारे अंग्रेज अधिकारी सांडर्स को मौत के घाट उतारा था।

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