पुलिस के सूत्रों के अनुसार जिहादी जम्मू कश्मीर में राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को निशाना इसलिए बना रहे हैं ताकि उनमें डर बिठाया जा सके। इससे वे राज्य की व्यापर व्यवस्था को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।
अशफाक के फर्जी सोशल मीडिया अकॉउंट के बारे में पता लगने के बाद जाँच एजेंसियों को उसकी आईडी में मौजूद संजय नाम के अकॉउंट पर शक हुआ। पूछताछ हुई तो पता चला कि अशफाक के अलावा मोइनुद्दीन भी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से मौजूद है।
अशफाक और मोइनुद्दीन कमलेश तिवारी की हत्या करके लखनऊ के होटल से बरेली गए। वहाँ उन्होंने मौलाना कैफी अली से संपर्क किया था और तीन घंटे तक वह उसी मौलाना के घर में रुके। बाद में कैफी ने ही दोनों हत्यारों के रुकने की व्यवस्था मदरसे में करवाई।
झारखंड के गढ़वा जिले में भाजपा नेता गोपाल चौरसिया की गला रेतकर हत्या कर दी गई। जिस समय बदमाशों ने धारधार हथियार से भाजपा नेता पर हमला किया, उस वक्त वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे।
कमलेश तिवारी की हत्या करने से पहले मौलाना मोहसिन ने शरीयत का हवाला देकर अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन का ब्रेन वॉश किया था। जिसके कारण वे दोनों पकड़े जाने के बाद भी अपने अपराध को वाजिब-उल-कत्ल मानकर संतुष्ट हैं। उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
कमलेश तिवारी की हत्या से लेकर अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन की गिरफ़्तारी तक, अब तक क्या-क्या हुआ? इस पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन से किरदार हैं और किन-किन जगहों पर किसकी गिरफ़्तारी हुई.......
कमलेश की हत्या के बाद हत्यारों ने सूरत में अपने साथियों को फोन कर जानकारी दी। फिर इस खबर से आसिम को अवगत कराया गया। आसिम ने हत्यारों की जमानत कराने का ठेका लिया था।
गोली मारने के बाद हत्यारों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए। गला रेतने के कारण ही कमलेश की मौत हुई। उनका गला 2 जगह से रेता गया। चेहरे के बाईं तरह बुलेट इंजरी मिली है।
गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ल ने बताया कि दोनों हत्यारोपितों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। ये वही दोनों हैं, जिन्होंने भगवा वस्त्रों में कमलेश तिवारी के ख़ुर्शीदबाग स्थित घर में घुस कर उनकी हत्या कर दी थी।
मोईनुद्दीन और अशफाक दोनों ही सूरत के रहने वाले थे और अपने साथ लाया हुआ पैसा खत्म हो जाने के बाद परिवार और दोस्तों से आर्थिक सहायता लेने की कोशिश कर रहे थे। गुजरात पुलिस के एटीएस ने गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया और लखनऊ पुलिस ने दोनों को सीजेएम की अदालत में पेश किया।