लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
यह एक सामान्य लेख है जो आम तौर पर अखबारों में छपता है। लेकिन खास बात यह है कि लेख का शब्दशः चार दिन पहले हिन्दी में 'बिजनेस स्टैंडर्ड' के हिंदी संस्करण में छपी थी।
मात्र 3.5 करोड़ रुपए में बनी फिल्म 'मलिकप्पुरम' ने 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म अब तमिल-तेलुगु और हिंदी में रिलीज होने जा रही है।