राज्य सरकार द्वारा अमरावती में नायडू के आवास और चित्तूर जिले में उनके मूल स्थान नरवरिपल्ले में सुरक्षा वापस ले ली गई है। उनके परिवार के सदस्यों के लिए सुरक्षा भी हाल ही में वापस ले लिया गया था और उनके बेटे नारा लोकेश को सुरक्षा के लिए सिर्फ दो कांस्टेबल दिए गए हैं।
आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था।
वाईएसआरसीपी के एमएलए मोहम्मद मुस्तफा शाइक का कहना है कि आंध्र प्रदेश में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और कापू समाज से एक-एक डिप्टी सीएम होंगे। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से पूरे आंध्र प्रदेश में खुशी का माहौल है।
जब जगन ने वाईएसआर कॉन्ग्रेस का गठन किया तो सुरेश को यूथ विंग का नेता बनाया गया। इसके बाद पिछले वर्ष जगन ने सुरेश को बापटला लोकसभा क्षेत्र का इंचार्ज बना दिया।
चंद्रबाबू नायडू विपक्षी दलों की गोलबंदी के लिए लगातार दौरे कर रहे थे और अहम विपक्षी नेताओं से मुकलाकत कर रहे थे। अब उनकी सीएम की कुर्सी भी नहीं बची है। जब आज रविवार (मई 26, 2019) को जगन रेड्डी पीएम से मिलने पहुँचे, तब दोनों नेताओं के बीच काफ़ी गर्मजोशी देखने को मिली।
इंडिया टुडे के अनुसार, तीन एग्जिट पोल्स का औसत निकालने पर पता चलता है कि 175 सीटों वाली राज्य की विधानसभा में टीडीपी को मात्र 65 सीटें आएँगी जबकि 106 सीटों के साथ रेड्डी की पार्टी पूर्ण बहुमत के लिए ज़रूरी न्यूनतम आँकड़े से काफ़ी आगे निकल जाएगी।
लंबे समय से कॉन्ग्रेस से जुड़े रहने के बावजूद जयसूर्या खुद स्वीकारते हैं कि ग्रामीण इलाकों में लोग अब खुलेआम 'नो कॉन्ग्रेस' कहते हैं। कॉन्ग्रेस को लगता है कि उन्हें काम करने की क्या जरूरत है। लोग इंतजार करेंगे और 10 साल बाद खुद उनके पास वापस लौट आएँगे।
फ़िल्मों में गुंडों को उड़-उड़ कर मारने वाले तेलुगू अभिनेता नंदमुरी बालाकृष्णा उस वक़्त रील और रियल लाइफ का फ़र्क़ भूल गए, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता की जम कर पिटाई कर दी और उसके फोन को छीन कर फेंक दिया। हाल ही में उन्होंने एक पत्रकार को भी पीटा था।