CM जगनमोहन रेड्डी ने दिया चंद्रबाबू नायडू का घर तोड़ने का आदेश

विपक्ष के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री की माँग के बावजूद जगन मोहन ने उन पर कोई सद्भावना नहीं दिखाई और नायडू के सामान को आवास से निकालकर बाहर फेंक दिया।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आज (जून 24, 2019) अमरावती स्थित ‘प्रजा वेदिका’ बिल्डिंग को तोड़ने का आदेश दे दिया है। ‘प्रजा वेदिका’ वही बिल्डिंग है जिसमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू
फिलहाल नायडू रह रहे हैं। इस बिल्डिंग को तोड़ने का कार्य मंगलवार (जून 25, 2019) से शुरू होगा।

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों नायडू ने जगनमोहन रेड्डी को चिट्ठी लिखकर प्रजा वेदिका को नेता प्रतिपक्ष का सरकारी आवास घोषित करने की माँग की थी। इसके बाद ही वाईएसआर कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार ने उनके आवास को कब्जे में ले लिया। जगनमोहन के इस आदेश को नायडू की पार्टी ने बदले की कार्रवाई करार दिया है।

विपक्ष के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री की माँग के बावजूद जगन मोहन ने उन पर कोई सद्भावना नहीं दिखाई और नायडू के सामान को आवास से निकालकर बाहर फेंक दिया। बता दें आंध्र प्रदेश ने जब अपना प्रशासन हैदराबाद से अमरावती शिफ्ट किया था, तभी से चंद्रबाबू नायडू कृष्णा नदी के किनारे उंदावल्ली स्थित इस आवास में रह रहे थे। उस दौरान सरकार ने आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए प्रजा वेदिका का निर्माण तत्कालीन मुख्यमंत्री के आवास के रूप में किया था, जिसमें 5 करोड़ का खर्चा आया था। नायडू इस आवास का इस्तेमाल आधिकारिक कार्यों के साथ पार्टी की बैठकों के लिए करते थे।

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गौरतलब है इसी महीने के शुरुआत में मुख्यमंत्री रेड्डी को पत्र लिखकर चंद्रबाबू नायडू ने इस बिल्डिंग का उपयोग बैठकों के लिए करने देने की इजाज़त माँगी थी। नायडू ने सरकार से आग्रह किया था कि वह इसे नेता प्रतिपक्ष का आवास घोषित कर दें लेकिन सरकार ने प्रजा वेदिका को कब्जे में लेने का निर्णय लिया और घोषणा कर दी कि वहाँ कलेक्टरों की बैठक होगी, जो कि पहले राज्य सचिवालय में होना तय हुआ था।

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