ट्वीट को लेकर इमरान खान ट्रोल भी हो रहे हैं। ट्विटर यूजर उन्हें तरह-तरह के सुझाव दे रहे हैं। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने लिखा है, "भारत में डर महसूस करने वालों के लिए पाकिस्तान को भी इसी तरह का बिल लाना चाहिए।"
कंगाली के कगार पर खड़ा पाकिस्तान अब सरकारी संपत्ति बेचने को भी मजबूर हो गया है। उसने पॉंच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद भारत के साथ व्यापार रद्द कर कूटनीतिक संबंध कमतर कर दिया था।
जनरल बाजवा और लेफ्टिनेंट जनरल सरफराज सत्तार के बीच बहस होने की खबर है। सत्तार ने बाजवा पर पाकिस्तानी फौज की छवि खराब करने का आरोप लगाया। बाजवा के रिटायर होने की सूरत में सत्तार आर्मी चीफ के सबसे बड़े दावेदार थे।
"70 फ़ीसद जो ग्रीन कवर था, वो कम हुआ, 10 सालो के अंदर। उसके नतीजे तो आने थे, क्योंकि दरख़्त हवा को साफ़ करते हैं, ऑक्सीजन देते हैं रात को। कार्बन डाइऑक्साइड को अबज़ोर्ब करते हैं"
बाजवा 29 नवंबर को रिटायर होने वाले थे। लेकिन इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली सरकार ने अगस्त में उनका कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ा दिया था। बाजवा नवंबर 2016 में पाक फौज के जनरल बने थे।
इमरान ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश में इलाज कराने को लेकर कथित तौर पर कोर्ट के खिलाफ और चीफ जस्टिस आसिफ सईद पर टिप्पणी की थी। जिसके बाद एक शख्स ताहिर मसूद ने लाहौर हाईकोर्ट में इमरान के खिलाफ याचिका दायर की।
58 वर्षीय बाजवा को नवम्बर 2016 में पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम नवाज़ शरीफ ने इस पद पर नियुक्त किया था। इसके बाद इमरान खान की सरकार ने भी बाजवा को इस पद पर रहने के लिए तीन साल का एक्सटेंशन दे दिया था।
67 वर्षीय पाक पीएम के इस बयान पर लोगों ने उनका मज़ाक बनाया। पत्रकार नायला इनायत ने पूछा कि इतनी उम्र और अनुभव होने के बावजूद इमरान ख़ान ने ब्लड प्लेटलेट्स के बारे में नहीं सुना है। यह अजीब है।
करतारपुर गलियारे के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को 'लाइफटाइम अचीवमेंट' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेकिन पेंच यह है कि इमरान को यह अवॉर्ड भारत विरोधी सिख चरमपंथ और खालिस्तानी आंदोलन से जुड़ी संस्था से मिला है, जिसके लिए लंदन के मेयर सादिक खान...