राज्यपाल ने अपने सम्बोधन का पैराग्राफ 18 पढ़ने से इनकार कर दिया। इस पैराग्राफ में सीएए को असंवैधानिक और भेदभाव करने वाला बताया गया था। सीएए के बारे में इस तरह की बातें लिखे जाने पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई।
"नेता प्रतिपक्ष हम जैसे विधायकों की बदौलत इस पद पर हैं। हम उनके रहमोकरम पर नहीं हैं। 11 में से सात-आठ विधायक उन्हें पद से हटाने के लिए हाईकमान से बात करेंगे।"
इस तरह के नोटिस राजस्थान के लगभग हर कॉलेज में जारी किए गए हैं। साथ ही कॉलेजों को टारगेट दिया गया है कि हर क्लास से कम से कम 10 बच्चे राहुल गाँधी की युवा आक्रोश रैली में आने ही चाहिए।
संबित पात्रा ने कहा कि सोनिया गाँधी के पिता तो मुसोलिनी और हिटलर जैसे तानाशाहों से जुड़े हुए थे, फिर उन्हें भारत की नागरिकता क्यों दी गई? संबित पात्रा के इन आरोपों का अब तक कॉन्ग्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया है।
सोनिया ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कह दिया था कि जब भी ऐसा लगे कि सरकार कॉन्ग्रेस के बनाए दिशानिर्देशों के अनुरूप काम नहीं कर रही है, पार्टी शिवसेना से अपना समर्थन वापस ले लेगी। सोनिया के आदेश के बाद उद्धव से लिखित आश्वासन लिया गया, तभी महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बन पाई।
कॉन्ग्रेस पार्टी की राज्य यूनिट ने कहा है कि वो इस मामले की जाँच कराएगी। अपने उम्मीदवार नागरानी को शून्य वोट मिलने के पीछे पार्टी ने किसी साज़िश की ओर इशारा किया है। उस क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार 671 वोटों के साथ दिव्या चिंतापणि ने जीत दर्ज की।
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने मीसा पेंशन को यह कहते हुए बंद कर दिया कि ये स्वतंत्रता सेनानी हैं, तो फिर पेंशन क्यों दिया जाए, जिसे लेकर बीजेपी ने राज्य सरकार के फैसले के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
हार्दिक पटेल को बीते दिनों 18 जनवरी को राजद्रोह के एक मामले में निचली अदालत में पेश नहीं होने का कारण गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तीन दिन जेल मेें रहने के बाद हार्दिक को गुरुवार को जमानत मिल गई। लेकिन.....
‘गंगो जमन के खिलाफ आरएसएस और भाजपा के लोग’ और ‘हम कॉन्ग्रेस के लोग: दुष्प्रचार और सच' नामक दो किताबें कॉन्ग्रेस नेताओं को दी गई है। पहली किताब में बताया गया है कि तिरंगे का विरोध करने वाला RSS हिन्दू-मुस्लिम एकता के ख़िलाफ़ काम कर रहा है।
नेताजी को 1580 वोट, गाँधी के पट्टाभि को 1377 मत... फिर भी बीमार बोस जब स्ट्रेचर पर कॉन्ग्रेस के त्रिपुर सेशन में पहुँचे, तब 2 लाख लोगों के सामने उनके राजनैतिक जीवन को सबसे बड़ा झटका लगा। अध्यक्ष चुने जाने के बाद भी उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा।