कोई राहुल गाँधी इस बात के सहारे नहीं नहीं बैठ सकता कि कोई रवीश कुमार रोज फेसबुक पोस्ट लिखकर उसे सत्ता दिला सकता है। कोई रवीश कुमार इस सोच के सहारे नहीं बैठ सकता कि......
मीडिया गिरोह और भारत के राष्ट्रवादी लोगों का युद्ध बहुत आगे तक चलने वाला है। इस युद्ध में इतना तो निश्चित है कि मीडिया, हिंदुओं और भारत के हितों पर जोरदार प्रहार करने वाला है और उसके सामने खड़े हैं प्रधानमंत्री मोदी और उनका समर्थन करने वाले करोड़ों हिन्दू।
IMA ने बाबा रामदेव के आरोपों पर कहा कि यह राहत की बात है कि Covid-19 के टीकों की खुराक लेने के बाद 0.06% लोगों में ही हल्का संक्रमण देखने को मिला और बहुत ही कम लोगों को फेफड़ों का गंभीर संक्रमण हुआ।
PM बनने का ख्वाब देखने वाले क्षेत्रीय क्षत्रप दिल्ली से गायब हो गए। राजनीति डिजिटल हो गया। हर नेता खुद को राष्ट्रवादी और हिन्दू हितैषी दिखाने लगा। कई जानी-दुश्मन एक हो गए। नॉर्थ-ईस्ट और कश्मीर मुख्यधारा की राजनीति में आया।
अमेरिकी विशेषज्ञ ने COVID-19 संकट के बावजूद सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में भारत की प्रशंसा की और भारत की शक्ति संरचना को स्थिर और मोदी सरकार को सुरक्षित बताया।
पूरा कॉन्ग्रेस-लेफ्ट इकोसिस्टम 2024 तक इस बदलाव की झूठी उम्मीदों को जिन्दा रखने की पूरी कोशिश करेगा। फासीवाद का रोना रोकर भी जो अवसर न मिल पाया, इस इकोसिस्टम को वह अवसर कोरोना वायरस में दिखाई दिया है।