अपनी माँ से मिलते हुए मनीष कश्यप ने कहा था कि उनकी माँ रो रही हैं, लेकिन जब वह जेल से बाहर आएँगे तो दूसरों की माँओं के आँसू पोछेंगे। आरोप लगाया था - जेल में पुलिस पहुँचाती है ड्रग्स।
"मैं नशा के विरोध में अभियान चलाता हूँ, लेकिन जेल में पुलिस अधिकारी स्मैक, गाँजा और सिगरेट वगैरह पहुँचवाते हैं। कॉन्स्टेबल नहीं, ये स्टार वाले। वहाँ गाँजा-सिगरेट पीकर मेरे मुँह पर फूँक दिया जाता है।"