मंगलवार को घटना के कुछ घंटो बाद बनर्जी ने घटना पर दुख जताते हुए कहा था कि कश्मीर में आतंकी हमलों में मारे गए मुर्शिदाबाद जिले के पाँच श्रमिकों के परिवारों को सभी तरह की मदद दी जाएगी।
विश्व भारती यूनिवर्सिटी के कुलपति ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर परिसर में केन्द्रीय सुरक्षबलों की माँग की है। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी की सिक्योरिटी उनसे ज्यादा टीएमसी के प्रति वफादार है।
इस हत्याकांड में मारे गए सारे मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बाशिंदे थे। ये सभी किराए के घर में रहते थे। आतंकियों ने उन्हें घर में घुस कर घसीटते हुए बाहर निकाला और फिर गोली मार दी। ममता बनर्जी ने कहा कि वो इस घटना से काफ़ी आहत हैं।
तलताली में नदी तट पर कब्जे को लेकर टीएमसी के दो गुटों के बीच हिंसक झड़पें होती रहती है। इसी महीने की 12 तारीख को दोनों गुटों के बीच बमबाजी हुई थी। धमाके में मारे गए तीनों लोग उस घटना में भी शामिल थे।
धनखड़ ने पिछले हफ़्ते जिला अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ धमखाली और सजनाखाली में बैठक करने की इच्छा जताई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने सोमवार को उनके सचिव को इत्तला किया कि प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर पाना बिना राज्य सरकार की अनुमति के संभव नहीं हो पाएगा।
"मैंने उनसे बहुत बार पानी माँगा। मुझे दिख रहा था कि वे सब पानी पी रहे हैं, लेकिन मुझे 14 घंटे तक पानी नहीं दिया। सुबह 4:50 पर वे मुझे बाहर लेकर आए और गाड़ी में डाल दिया। बार-बार पूछने पर भी नहीं बताया कि लेकर कहाँ जा रहे हैं।"
तृणमूल कार्यकर्ता रंजीत मंडल ने 'जय श्री राम' कहा। बस इतनी सी बात पर एक अन्य तृणमूल कार्यकर्ता तारक परोइ गुस्सा हो गया और उसने गालियाँ बकनी शुरू कर दी। वह इतने पर ही नहीं रुका, उसने मंडल की जम कर पिटाई भी की और उसे घायल कर दिया।
बंधु प्रकाश गलत राज्य में पैदा हुआ, गलत जाति-धर्म का था, गलत राज्य में मारा गया। मरने के बाद की चर्चा में बने रहने के लिए आपको निर्दोष होना मात्र 'सही' नहीं होता। आपको किसी खास जाति, किसी खास मजहब में होना होता है, किसी खास तरह के हत्यारे का शिकार बनना पड़ता है, और वहाँ सत्तारूढ़ पार्टी कौन सी है, इसका भी बहुत असर पड़ता है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने काँपती हुई आवाज़ में कहा कि वो आहत दिल से अपने इस अपमान का जिक्र कर रहे हैं और उन्हें अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर रोना भी आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस अपमान की पीड़ा से बाहर निकलने के लिए उन्हें 3 दिन लगे।