स्मारक के आसपास कई प्राचीन कालीन अस्त्र-शस्त्र रखे हुए हैं। संदीप दास का दावा है कि उन शस्त्रों पर सदियों से जंग नहीं लगा है। स्मारक के ऊपर प्रतीकत्मक तौर पर राम, लक्ष्मण, भारत द्वारा किया गया पिंडदान रखा हुआ है।
राम मंदिर निर्माण के दौरान की गई खुदाई में प्राचीन मूर्तियाँ मिली हैं जिन्हें आमजनों को देखने के लिए रखा जाएगा। उद्घाटन में आना चाहता है दक्षिण कोरिया।
तीर्थ क्षेत्र भवन रामकोट में ऋग्वेद, साम वेद, कृष्ण यजुर्वेद, शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों की आहुतियाँ दी जा रही हैं। वाल्मीकि रामायण व श्रीमद्भागवत का भी पाठ हो रहा है।