श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए एक देशव्यापी जन संपर्क और योगदान अभियान शुरू करने की योजना बनाई है।
यह प्रस्ताव यूपी की योगी सरकार ने केन्द्र सरकार को बीते दिनों भेजा था। जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। परेड के दौरान भगवान राम से जुड़ी कई कथाएँ भी दुनियाभर के सामने दिखाई जाएगी।
हर राष्ट्र में कानून बहुसंख्यकों के हिसाब से होता है और अल्पसंख्यकों को उसी दायरे के अनुकूल बनना पड़ता है। यहाँ हमेशा उल्टा होता आया है क्योंकि सर्वसमावेशन और सहिष्णुता की बात सिर्फ हिन्दुओं की ही जिम्मेदारी बन गई है।
नेहरू के खोखलापन के बारे में आरके लक्ष्मण ने 60 साल पहले बता दिया था। पर भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास न होते तो हम और आप यह जान भी नहीं पाते कि जन्मस्थान में बाल मूर्ति का होना भी नेहरू को खटकता था।
अयोध्या में इस दौरान करोड़ों राम भक्तों के लिए भी भव्य इंतजाम किया गया है। वह लोग भी अयोध्या में श्रीरामलला के दरबार में वर्चुअल हाजिरी लगाएँगे। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीपोत्सव के वर्चुअली भाग लेंगे।