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राम मंदिर निर्माण के लिए भिखारियों ने इकट्ठा कर दिए ₹2425, कहा- खुद को रोक न सके

इससे पहले ऐसी ही खबर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से सामने आई थी। वहाँ एक आदिवासी महिला देवकू बाई जो भीख माँगती थीं, उन्होंने सौ रुपए की चिल्लर मंदिर निर्माण में दान दी थी।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की खबर के बाद से देश के कोने-कोने से हर वर्ग के लोग चंदा दे रहे हैं। ऐसे में झारखंड से कुछ ऐसे रामभक्त सामने आए हैं जिनकी श्रद्धा आपके भी दिल में घर कर जाएगी। ये कोई साधारण राम भक्त नहीं है। इनका गुजर बसर स्वयं भीख माँग माँगकर चलता है, लेकिन बावजूद इसके इन्होंने श्रीराम के नाम 2425 रुपए समर्पित किए हैं।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ये भिखारी झारखंड के रामगढ़ जिला मुख्यालय स्थित लेप्रोसी कॉलोनी में रहते हैं। यहाँ की एक निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि वे लोग रोज भीख माँग और कचरा बीन पर जीवन-यापन करते हैं। मगर बात जब राम मंदिर की आई तो वे लोग खुद को रोक नहीं पाए। कॉलोनी के रहने वाले जीतू महतो ने भी भगवान राम के प्रति आस्था और श्रद्धा दिखाते हुए राम मंदिर के लिए 1 हजार रुपए दान दिए।

लेप्रोसी कॉलोनी में चंदा लेने गए राम मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने ऐसी श्रद्धा देख कहा कि समाज का हर वर्ग राम मंदिर निर्माण के वास्ते बढ़-चढ़कर चंदा दे रहा है। सभी भव्य राम मंदिर के सपने को साकार होते देखना चाहते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले ऐसी ही खबर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से सामने आई थी। वहाँ एक आदिवासी महिला देवकू बाई जो भीख माँगती थीं, उन्होंने सौ रुपए की चिल्लर मंदिर निर्माण में दान दी थी। विकास नगर के कार्यकर्ताओं को एक-एक रुपए की चिल्लर सौंपते हुए उन्होंने कहा कि चाहे जितना भी समय लग जाए पर भगवान आते जरूर हैं।

इसी प्रकार अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए ऋषिकेश नीलकंठ पैदल मार्ग पर गुफा में रहने वाले 83 वर्षीय संत स्वामी शंकर दास ने बीते दिनों एक करोड़ रुपये का दान दिया था। स्‍वामी शंकर दास ने अपने गुरु टाट वाले बाबा की गुफा में मिलने वाले श्रद्धालुओं के अनुदान से यह रकम जुटाई थी। वह वहाँ पिछले 60 वर्षों से गुफा में रह रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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