भावुक कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर राहुल गाँधी इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं, तो वो फाँसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘‘हमने सुना है कि जब कोई जहाज डूब रहा होता है, तो वह कैप्टन होता है, जो उसे बचाने के लिए अंत तक उस पर रहता है। लेकिन कैप्टन (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस के जहाज से कूदने वाले पहले व्यक्ति हैं।''
कमलनाथ ने कहा, "कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सही कहा है। मैं नहीं जानता कि कॉन्ग्रेस की इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। हाँ, मैं हार का जिम्मेदार हूँ। मुझे दूसरे नेताओं के बारे में पता नहीं है।"
राहुल गाँधी ने बैलेट निर्वाचन की वापसी की माँग उठाने के साथ विधानसभा निर्वाचनों के बहिष्कार का निर्णय लिया है। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता उनकी इस योजना से सहमत नहीं दिख रहे हैं।
अभिनेता और नेता परेश रावल ने भी इसको लेकर ट्वीट किया है। परेश रावल ने ट्वीट में लिखा है, "हाँ, ये नया इंडिया है राहुल जी, जहाँ कुत्ते भी आपसे ज्यादा होशियार हैं।"
प्रमुख विपक्षी पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति की बातों को सुन कर चर्चा में सक्रियता से हिस्सा लेना कैसे संभव हो पाएगा, जब वह अभिभाषण में क्या कहा जा रहा है, यह सुने ही नहीं? राहुल गाँधी से सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल किया कि वह अपना दायित्व भूल कर फोन में क्यों लगे हुए हैं?
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गाँधी से अध्यक्ष बने रहने का आग्रह किया था लेकिन राहुल ने पद से हटने का निश्चय कर लिया है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गाँधी के नाम पर भी विचार करने से मना कर दिया है।
पहले दिन सांसदों ने जम कर 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और जब आसनसोल से चुने गए बाबुल सुप्रियों ने शपथ लिया, तब सदन में 'जय श्री राम' के नारे गूँजे। अभी तक विपक्षी पार्टी कॉन्ग्रेस ने सदन में अपने नेता के नाम की घोषणा नहीं की है।