ये बात भी गौर करने वाली है कि कॉन्ग्रेस का लाया ये एक्ट सिर्फ कर्नाटक के साथ साथ हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे कॉन्ग्रेस शासित राज्यों तक भी पहुँच सकता है।
चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।