शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपने सभी मुतवल्लियों को निर्देश दिए है कि इस निर्देश की अवहेलना करने पर बोर्ड की ओर से संबंधित मुतवल्ली और मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करा कर जेल भेजा जाएगा।
"कुछ लोगों का मानना है कि बच्चों का पैदा होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन जानवरों की तरह अधिक बच्चों को जन्म देना समाज और देश के लिए हानिकारक है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लागू होने पर यह देश के लिए अच्छा होगा।"
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने कहा है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सहित जिन देशों में सुन्नी बहुमत में हैं, वहॉं शिया समुदाय के साथ अमानवीय कृत्य हो रहे हैं। उनकी हत्याएँ की जा रही हैं।
"शिया वक्फ बोर्ड ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले से बिलकुल इत्तेफाक नहीं रखता, न ही वह एआईएमपीएलबी का हिस्सा है। रिज़वी ने यह भी कहा कि देश के मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।"
"पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा संबंधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में नए कानून के तहत दोष सिद्ध होने का यह पहला मामला है। साजिद अली पर बेअदबी भरी, ईशनिंदा करने वाली और अपमानजनक’ सामग्री डालने का आरोप था।"