"आप मुझसे तारीख मत पूछिए, मैंने आपसे कह दिया तो ये होकर रहेगा। हम कोशिश ही कर सकते हैं और कोशिश ही कर रहे हैं। आप लोग थोड़ा टाइम दीजिए। आप लोग परीक्षाओं को FIR से नहीं जोड़ सकते हैं। हम कोर्ट जाएँगे और कोर्ट की तारीखें हम तय नहीं कर सकते हैं। आप लोगों की ही माँग पर यूनिवर्सिटी को खोला गया।"
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और JNU छात्र संघ की बैठक हुई। स्पष्ट कहा गया कि प्रशासन प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों के प्रति नरम रवैया रखेगा और उन्हें सजा नहीं देगा। लेकिन JNUSU का वही अड़ियल रवैया - "VC विश्वविद्यालय को चलाने के लायक नहीं। उन्हें हटाया जाए।"
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 13 जनवरी को खुलने वाला है। इससे पहले वाइस चांसलर ने खुद और अपने परिवार के ऊपर जान का खतरा बताया है। उन्होंने कैंपस में फिर से हिंसा की आशंका जताई है।
JNU में हुई हिंसा में छात्र संघ प्रेसीडेंट आइशी घोष समेत चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, प्रियरंजन, योगेंद्र भारद्वाज, वास्कर विजय मेक, सुचिता तालुकदार, डोलन सामंता और विकास पटेल का नाम शामिल है। हिंसा के पीछे एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी हाथ है, जिसका नाम है- यूनिटी अगेन्स्ट लेफ्ट।
वीसी ने हिंसा के कारणों की पड़ताल करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाने को लेकर समिति गठित की है। लेकिन, JNUTA ने इसमें शामिल सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। JNUTA वैचारिक रूप से JNUTF का विरोधी माना जाता है।
जेएनयू छात्रों के एक धड़े के प्रदर्शन के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया हुआ। एक प्रदर्शनकारी युवती ने विजय चौक पर आईपीएस अधिकारी इंगित प्रताप सिंह के अँगूठे पर दाँत से काट लिया। दॉंत काटने वाली युवती की पहचान नहीं हो पाई है।
सबा नकवी का कहना है कि लोगों को सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद रखनी चाहिए। यदि शीर्ष अदालत CAA के हक में फैसला सुनाती है तो भी इसके खिलाफ राजनीतिक और नैतिक लड़ाई जारी रखनी चाहिए।
JNU हिंसा वाले दिन और संबंधित जगह पर जो 800 मोबाइल नंबर सक्रिय थे, उनके कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर इनकी पहचान की गई है। इन 3 आरोपितों में एक महिला और दो पुरुष हैं। क्राइम ब्रांच को तीनों नकाबपोशों से जुड़ी जानकारी मिली है।
उत्तर 24 परगना में हृदयपुर के पास रेलवे ट्रैक से पुलिस ने चार देसी बम बरामद किए। कूच बिहार में प्रदर्शनकारियों ने बस पर पथराव किया। राज्य में सीएए के विरोध के नाम पर भी जमकर हिंसा हुई थी।
ईकाई अध्यक्ष ने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा पर प्रदेश में हिंसा फैलाने के लिए वित्तीय मदद करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि प्रियंका गाँधी प्रदेश में हिंसा भड़काने के लिए दूसरे प्रदेशों के दंगाइयों को ला रही हैं।