Tuesday, August 9, 2022

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26 जनवरी

26 जनवरी स्पेशल: भारतीय शहीदों की याद में हमेशा प्रज्वलित रहे ‘अमर जवान ज्योति’ की लौ

नई दिल्ली के इंडिया गेट पर 24 घंटे और सातों दिन लगातार प्रज्वलित लौ ‘अमर जवान ज्योति’ सैनिको के साहस, शौर्य और बलिदान को सलाम करती है।

How’s The Josh… 18000 फीट की ऊँचाई पर और नक्सलियों के गढ़ में… हर जगह तिरंगा High Sir

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के पालमअड़गु इलाके में सुरक्षा बलों ने साहस का परिचय देते हुए उन्हें चुनौती देते हुए यहाँ पहली बार तिरंगा फहराया।

26 जनवरी स्पेशल: मोर के राष्ट्रीय पक्षी बनने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मोर को विभिन्न मापदंडों पर खरा पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप इसे भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी घोषित कर दिया गया। नीला मोर हमारे पड़ोसी देश म्यांमार और श्रीलंका का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

अगर ‘JNU कांडियों’ और नम्बी नारायणन में से आप सिर्फ़ पहले वालों को जानते हैं, तो समस्या आपके साथ है

नम्बी नारायणन को प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री पूरी करने में मात्र 10 महीने लगे थे। मात्र 10 महीने? जेएनयू के ‘सेलेब्रिटी छात्रों’ ने अकेले टीवी स्टूडियो में ही 10 महीने से अधिक समय बिता दिया होगा।

नज़ीर की शहादत पर मैं रोई नहीं, आतंक छोड़कर देश के लिए बलिदान होना गर्व की बात: महज़बीं वानी

अशोक चक्र से सम्मानित हुए शहीद लांस नायक नज़ीर अहमद वानी की पत्नी महज़बीं ने कहा कि उनके पति के पराक्रम का ही असर था, जिसने उनकी शहादत की ख़बर सुनकर भी आँखों से आँसू नहीं बहने दिए।

26 जनवरी को राजपथ पर इतिहास में पहली बार दिखेगी बेटियों की ‘बहादुरी’

कैप्टन शिखा भारतीय सेना की महिला टुकड़ी 'डेयर डेविल्स' की ओर से चलती हुई बाइक रॉयल एनफील्ड 350 CC पर स्टंट करते हुए तिरंगे को सलामी देंगी।

गणतंत्र दिवस पर न गाएँ वंदे मातरम, ‘भारत माता की जय’ भी न बोलें: देवबंद दारुल उलूम का फ़तवा

इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम ने तर्क दिया है कि वन्दे मातरम और भारत माता के नारे इस्लाम के ख़िलाफ़ हैं।

मरणोपरांत जिसे मिला ‘सर्वोच्च’ सैन्य वीरता पुरस्कार, वो पहले था एक आतंकवादी

जिस कश्मीर घाटी में नौजवान पत्थरबाजी करके अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रहे हैं, उसी कश्मीर घाटी के युवाओं के लिए देशभक्त अशोक चक्र विजेता शहीद नज़ीर एक उदाहरण बन सकते हैं।

26 जनवरी को न बाहर निकलें, न करें सफ़र: दारुल उलूम

गणतंत्र दिवस के दिन हर जगह जाँच होती है और बिना किसी वज़ह के परेशानी भी उठानी पड़ती है। इस कारण डर और ख़ौफ का माहौल पैदा होता है।

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