Friday, June 14, 2024

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acid attack

Chhapaak का समर्थन महज़ दिखावा, ‘चंदेल’ को ‘चांडाल’ लिख कंगना की बहन का उड़ाया मज़ाक

दीपिका पादुकोण ने फ़िल्म में एसिड अटैक सर्वाइवर का महज़ किरदार निभाया जबकि रंगोली चंदेल पर हक़ीक़त में तेज़ाब से हमला हुआ था। उन्होंने वास्तव में उस दर्दनाक पीड़ा को सहा है। लेकिन वामपंथी गिरोह के अतुल खत्री को मतलब सिर्फ दक्षिणपंथी घृणा से है। तभी तो वो फिल्म को सराहते हैं जबकि चंदेल को चांडाल बोल कर...

‘छपाक’ की रियल स्टोरी: 15 साल की लक्ष्मी ने शादी से इनकार किया तो 32 साल के नईम ने तेजाब फेंका

वो बचपन से ही गायक बनने के सपने देखती थी। लेकिन, एक मनहूस घड़ी उस पर नईम की नजर पड़ी। शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद नईम ने 10 महीने तक पीछा किया। फिर एक दिन...

आरिफ, शाहनवाज, शरीफ, आबिद ने एसिड से जलाया… क्योंकि पीड़िता ने रेप केस वापस लेने से किया इनकार

आरिफ, शाहनवाज, शरीफ और आबिद - ये 4 लोग वो हैं, जो पहले 30 साल की महिला से रेप करते हैं। पीड़ित महिला जब पुलिस-कोर्ट में मामला दर्ज करती है तो फिर उसी महिला के घर में घुसकर उनके ऊपर एसिड फेंकते हैं।

बहन पर तेजाब डालने वाले इरफ़ान, रिज़वान और इमरान गिरफ्तार, गैर-मुस्लिम संग प्रेम का मामला

तीनों भाइयों ने अपने गुनाह को मान लिया है। इन्होंने बताया है कि उनकी बहन एक गैर-मुस्लिम और शादीशुदा व्यक्ति के साथ संबंध में थी। परिवार इस रिश्ते के ख़िलाफ़ था। इन लोगों ने सलमा को कई बार उस आदमी से दूर रहने के लिए कहा लेकिन...

गैर-मुस्लिम मर्द के साथ प्रेम: इरफ़ान और रिज़वान ने बहन पर फेंका एसिड, अम्मी भी अस्पताल से भाग गई

गैर-मुस्लिम मर्द के साथ प्रेम करना सलमा को बहुत भारी पड़ा। अपने ही दो भाइयों के जान से मारने की कोशिश (गला घोंटने और एसिड डालने) के बाद वो अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल तो रही है लेकिन बार-बार अपनी अम्मी (माँ) को खोज रही है। वो उस माँ को खोज रही है, जो अस्पताल में अपनी तड़पती बेटी को छोड़कर अचानक से भाग गई।

पत्नी ने ममता की पार्टी को नहीं दिया वोट, टीएमसी समर्थक पति ने उसके मुँह में उड़ेला तेजाब

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक महिला के मुँह में सिर्फ इसीलिए तेजाब उड़ेल दिया गया, क्योंकि उसने कथित तौर पर कॉन्ग्रेस को वोट दिया था।

‘मैं अपने पापा की लाडली हूँ, लेकिन अब वो मेरा चेहरा तक नहीं देख पाते’

धातु गलाने के लिए सर्राफ़ा व्यापारी क्या करेंगे यह वही लोग जानें। स्कूलों की लैब में अगर एसिड नहीं उपलब्ध रहेगा तो हमें यह परिस्थितियाँ भी स्वीकार्य हैं। लेकिन हम धातु गलाने के एवज में अपनी बच्चियों की देह नहीं गला सकते! नहीं मतलब नहीं।

ममता-राज में TMC की हिंसक सच्चाई इंटरनेट पर ‘आमार भॉय लागे’ के नाम से आई सामने

सभी पीड़ितों ने पुलिस के असहयोग की भी बात की, और कुछ ने यह भी कहा कि पुलिस ने उल्टा उन्हें ही और भी प्रताड़ित किया, जबकि आरोपियों को खुला छोड़ दिया।

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