हाईकोर्ट में सरकारी वकील ने ये कहते हुए याचिका का विरोध किया कि राजस्व कानून के तहत इस पर यहाँ सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि याचिकाकर्ता के पास तहसीलदार के ऊपर अपील करने का विकल्प है।
"विवाह संस्था किसी व्यक्ति को जो सुरक्षा, सामाजिक स्वीकृति, प्रगति और स्थिरता प्रदान करती है, वह कभी भी लिव-इन रिलेशनशिप द्वारा प्रदान नहीं की जाती है।"