“गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली चुनाव के कैंपेनिंग के दौरान कहा कि ईवीएम का बटन इतने गुस्से के साथ दबाना कि बटन यहाँ दबे और करंट शाहीन बाग के अंदर लगे। क्या कोई गृह मंत्री ऐसा भाषण दे सकता है? इसलिए मैं कहती हूँ कि अमित शाह भारत के होम मिनिस्टर नहीं हैं, वह देश के हेट मिनिस्टर का काम कर रहे हैं।”
"गृह मंत्री अमित शाह जी से मिला। बहुत ही फलदायी मुलाकात रही। दिल्ली से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। हम दोनों सहमत हुए कि दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।"
राँची में आयोजित विशाल कार्यक्रम में पूर्व सीएम की हुई घर वापसी। बकौल शाह, 2014 में बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद भी उन्होंने मरांडी को पार्टी में लाने का प्रयास किया था।
14 फरवरी 2019 को हुए फिदायीन हमले की पहली बरसी पर हम आपके लिए लाए हैं वीरगति प्राप्त जवानों की झकझोर देने वाली कहानियॉं। उस दिन पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
"कुछ राज्यों में सफलता नहीं मिली लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भाजपा से लोगों का विश्वास उठा है। महाराष्ट्र में हम चुनाव जीते हैं। हरियाणा में केवल 6 सीटें कम हुईं हैं। झारखंड में हम चुनाव हारे और दिल्ली में पहले से हारे हुए थे, बावजूद इसके सीट और वोट पर्सेंट बढ़ा है।"
इस पोस्टर में लिखा हुआ है- "अरे ओ सुन ले, तू हमें करंट क्या लगाएगा? अब तू दिल्ली से ही नहीं, हिंदुस्तान से भी जाएगा।" शाहीन बाग़ वालों से जब मीडिया ने सवाल पूछा तो वो गुजरात दंगे की बातें करने लगे। भाजपा के प्रति अपने नफरत का इजहार करने लगे।
भाजपा सांसदों को जारी किए व्हिप में यह कहा गया है कि कुछ अतिमहत्वपूर्ण मुद्दे कल संसद में उठाए जा सकते हैं, अतः सारे सांसदों को मंगलवार, 11 फरवरी, को राज्यसभा में उपस्थित रहना है।
"जो मोदी-शाह के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा वो सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कह लाएगा। मैं वतन में रहूँगा, पर कागज नहीं दिखाऊँगा। कागज अग़र दिखाने की बात होगी, तो सीना दिखाएँगे कि मार गोली। मार दिल पे गोली मार, क्योंकि..."
इससे पहले आप नेता संजय सिंह ने कहा था कि, यह कैसे संभव है कि देश की राजधानी दिल्ली में एक अकेला व्यक्ति आसानी से गोली चला रहा है और खुलेआम हथियार लहरा रहा है?"
मोदी ने कहा था, 'मैं 130 करोड़ देशवासियों को बताना चाहता हूँ कि 2014 में पहली बार मेरी सरकार के सत्ता में आने के बाद से NRC पर कभी चर्चा नहीं हुई।' उन्होंने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के आदेश की वजह से सिर्फ असम में किया गया। मोदी ने यह भी कहा था कि, नागरिकता कानून या NRC का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है।