राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा पर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी फैलाए जा रहे झूठ की पोल खुल गई। कहा जा रहा था कि इसमें राष्ट्रपति को नहीं बुलाया गया लेकिन हकीकत में ये दावा झूठा है।
ऑप्टिक्स और मेकेनिक्स के माध्यम से भारत के वैज्ञानिकों ने ये कमाल किया। सूर्य की किरणों को लेंस और दर्पण के माध्यम से सीधे राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के मस्तक तक पहुँचाया गया।
राम नवमी के दिन प्रभु राम का अयोध्या में सूर्य की किरणों स तिलक हो पाए... इसके लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है। दर्पणों की मदद से किरणों को डायवर्ट करके ऐसा संभव होगा।
इकबाल अंसारी ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि शांति न रहे ताकि सौहार्द बिगाड़ने के लिए उन्हें चंदा मिलता रहे। उनके साथ हाथापाई करने वाले भी उसी मानसिकता के लोग हैं।