नड्डा ने बताया कि सितंबर से देशभर के आठ लाख बूथों पर चुनाव कराए जाएँगे। इसके बाद अक्टूबर में मंडल स्तर पर प्रतिनिधियों का चुनाव होगा। उम्मीद है कि 15 दिसंबर तक सभी राज्यों में संगठन के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
‘‘टेलीफोन टैपिंग के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया समेत कई नेताओं ने कहा कि इसकी जाँच होनी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए, इसलिए मैंने सीबीआई जाँच का आदेश देने का फैसला किया है।”
जेएनयू का नाम बदलने का सुझाव पहली बार नहीं आया है। इससे पहले 2016 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि जेएनयू ऐसे लोगों का अड्डा बनती जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इसका नाम बदल कर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मॉंग की थी।
शाजिया इल्मी को भारत विरोधी नारों से आपत्ति हुई तो वह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुँच गईं और उन्हें समझाने की कोशिश की। जब प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो वे भी इंडिया जिंदाबाद के नारे लगाने लगीं।
‘‘गाँधी परिवार से बाहर किसी व्यक्ति का पार्टी का नेतृत्व करना वास्तव में मुश्किल होगा। राजनीति में भी ‘ब्रांड इक्विटी’ होती है। अगर आप अभी भाजपा को देखेंगे तो क्या मोदी और शाह के बिना वह सुचारू रूप से चल सकती है? जवाब है नहीं। इसी तरह...”
कपिल मिश्रा ने लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर भाजपा के समर्थन में अभियान चलाया था। AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल से की थी। इसकी सुनवाई करते हुए बीते दिनों विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी।
मायावती ने पूरी बसपा की ओर से आखिर में प्रदेश की भाजपा सरकार से गुहार लगाई है कि वो इस मामले के संबंध में सपा और कॉन्ग्रेस नेताओं के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाएँ और आदिवासियों को उनकी जमीनें वापस दिलवाएँ।
2019 विधानसभा चुनाव के बाद सिक्किम क्रन्तिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग राज्य के मुख्यमंत्री बने। 15 विधायकों के साथ चामलिंग विपक्ष में बैठे थे, वहीं तमांग ने 17 विधायकों के साथ नई सरकार का गठन किया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सोमवार को मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड पर पहुँचे थे कि तभी वहाँ मौजूद कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने उनका सम्मान करने की कोशिश की। लेकिन जैसी ही कार्यकर्ताओं को देखकर स्वतंत्र देव सिंह गाड़ी से उतरने लगे, तभी उनकी दाहिने हाथ की छोटी उँगली कटकर हाथ से अलग हो गई।
बबीता कई मौकों पर केन्द्र और हरियाणा की भाजपा सरकार के फैसलों का समर्थन कर चुकी हैं। अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए बबीता ने ट्वीट किया था-लठ गाड़ दिया, धुम्मा ठा दिया।