Wednesday, June 29, 2022
Homeराजनीतिभगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार कर रहे हैं:...

भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार कर रहे हैं: दिग्विजय सिंह

"दिग्विजय सिंह हिन्दुओं और हिन्दू संतो को अपमानित कर रहे हैं। क्या वे मौलवियों और पादरियों की वेशभूषा पर भी अपना कोई विचार प्रकट करेंगे?"

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह गाहे-बगाहे अपनी अभद्र टीका-टिप्पणियों के चलते आए दिन विवादों में घिरे रहते हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर उनके बोल बिगड़ गए, जब उन्होंने भगवा वस्त्र पर निशाना साधते हुए यह तक कह डाला कि भगवा वस्त्र पहनकर लोग मंदिरों के अंदर बलात्कार कर रहे हैं।

दरअसल, मंगलवार (17 सितंबर) को भोपाल में संत समागम को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म सबसे पुराना धर्म है, इसके अलावा जितने भी धर्म हैं वो अलग-अलग विचारधारा के ज़रिए उत्पन्न हुए हैं। विश्व का सबसे प्राचीनतम धर्म सनातन धर्म है, जिसका कभी अंत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।”

दिग्विजय सिंह ने इस कार्यक्रम की शुरुआत ‘जय सियाराम’ के नारे के साथ की थी, और भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ‘जय श्रीराम’ का नारा कुछ राजनीतिक पार्टियों का है, इसलिए ‘जय श्रीराम’ के नारे की बजाए ‘जय सियाराम’ का नारा लगाना चाहिए।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह कौन-सी मिशनरीज़ के एजेंडे पर खेल-खेल रहे हैं? हिन्दुओं और हिन्दुओं के संतो को अपमानित कर रहे हैं। अगर कोई अपराधी है या अपराध का आरोपी है तो उससे पूरा भगवाधारी संदिग्ध नहीं हो जाते। उन्होंने सवालिया होते हुए पूछा कि क्या मौलवियों और पादरियों की वेशभूषा पर भी दिग्विजय सिंह अपना कोई विचार प्रकट करेंगे?

इससे पहले भी दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी और बजरंग दल के लोग पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से पैसा लेते हैं। हालाँकि, कॉन्ग्रेस पार्टी ने दिग्विजय सिंह के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया था। कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीएल पूनिया ने कहा था कि इस तरह के विवादित बयान दिग्विजय सिंह के व्यक्तिगत हो सकते हैं, इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। और अगर उन्हें ऐसा लगता है तो इस सन्दर्भ में सबूत पेश करें।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इस्लाम ज़िंदाबाद! नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं’: कन्हैया लाल का सिर कलम करने का जश्न मना रहे कट्टरवादी, कह रहे – गुड...

ट्विटर पर एमडी आलमगिर रज्वी मोहम्मद रफीक और अब्दुल जब्बार के समर्थन में लिखता है, "नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं।"

कमलेश तिवारी होते हुए कन्हैया लाल तक पहुँचा हकीकत राय से शुरू हुआ सिलसिला, कातिल ‘मासूम भटके हुए जवान’: जुबैर समर्थकों के पंजों पर...

कन्हैयालाल की हत्या राजस्थान की ये घटना राज्य की कोई पहली घटना भी नहीं है। रामनवमी के शांतिपूर्ण जुलूसों पर इस राज्य में पथराव किए गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
200,225FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe