इस बार के लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी ने अपना प्रभाव कायम रखा है। विपक्ष के सभी वार खाली जा रहे हैं। फिर भी अंतिम परिणाम क्या होगा इसका पता 23 मई को चलेगा।
शिव सिंह पर यह हमला कॉन्ग्रेस MLA अदिति सिंह के काफिले पर हरचन्दपुर एरिया, लखनऊ-रायबरेली हाइवे पर हुए हमले के कुछ देर बाद हुआ। हालाँकि, पुलिस विभाग का कहना है कि शिव सिंह पर हुए इस हमले का कॉन्ग्रेस MLA पर हुए हमले से कोई सम्बन्ध नहीं है।
अभी हाल ही में सीपीएम और डीवाईएफआई के गुंडों ने चुनावी कैंपेनिंग पर आपत्ति जताते हुए कासरगोड के भाजपा प्रत्याशी रवीश तांत्री कुंतारु के साथ मारपीट की थी।
आज हम समय के उसी मोड़ पर खड़े हैं जहाँ इस्लामी आक्रांताओं ने एक बार फिर रूप बदल लिया है, और गायों का झुंड हमारी तरफ छोड़ दिया है क्योंकि वो जानते हैं कि वाजपेयी जी की भाजपा इन गायों को प्रणाम कर के, उनके सींगों में झुनझुने बाँधने में व्यस्त हो जाती।
घर के अंदर स्थानीय भाजपा नेता प्रदीप बनर्जी सहित कुछ लोग थे, जिन्होंने कहा कि वे पार्टी की बैठक शुरू करने वाले थे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि बैठक में आरएसएस नेता और बंगाल के भाजपा के सह-प्रभारी अरविंद मेनन ने भी भाग लिया।
दोनों प्रमुख द्रविड़ नेताओं की मृत्यु, लालू के जेल में होने, मुलायम को बेटे द्वारा किनारे किए जाने, शरद पवार के चुनाव लड़ने से इनकार करने, नायडू-पटनायक के अपने गढ़ बचाने में व्यस्त रहने और कॉन्ग्रेस की मज़बूरी के कारण केसीआर एक बड़े विपक्षी सूत्रधार बन कर उभरना चाह रहे हैं।
वीडियो के वायरल होने के बाद कॉन्ग्रेस की महिला विधायक के इस रवैये पर पार्टी की फजीहत होने लगी तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि अधिकारी पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे थे, जिस वजह से उन्हें गुस्सा आ गया।
शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग ने जाँच के आदेश दिए। राँची के कार्यपालक दंडाधिकारी ने मामले की जाँच की और आरोप को सही पाया। इस के बाद हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी के खिलाफ रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट 1951 एवं 188 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
विधायक ने अपने पिता की वायरल तस्वीर के बारे में कहा, "हम एक ग़रीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं और मेरे पिता किसान हैं। मेरे विधायक बन जाने के बाद भी उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है। उनकी जिंदगी कृषि और डेयरी फार्मिंग के चारों तरफ ही घूमती है।"
महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र स्थित इसुआपुर में राजद के विधायक मुंद्रिका राय और भाजपा नेता प्रमोद कुमार सिंह के बीच राजनीतिक चर्चा को लेकर विवाद हो गया। ये विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसा का रूप ले लिया। इसी बीच गोलीबारी में भाजपा नेता को गोली लग गई।