राम माधव ने कहा, “ कई बार कक्षा में शिक्षक जो पढ़ा रहे होते हैं, उस पर फोकस करना कठिन होता है। परीक्षा के दौरान किताबों पर फोकस करना भी कठिन होता है। हमें नींद आने लगती है और हम सो जाते हैं। पर चिंता करने की कोई बात नहीं! स्कूली बच्चों की तरह संसद में भी कुछ बच्चे हैं। वो हमारे राष्ट्रपति के भाषण पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
प्रवेश का कहना है कि उन्होंने 17 जून को वेस्ट दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्ज़ा कर वहाँ मस्जिदें और कब्रिस्तान बनाने का मुद्दा उठाते हुए दिल्ली के उप राज्यपाल को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने माँग की थी कि इस पूरे मामले की जाँच कराई जाए और अवैध निर्माणों को हटाया जाए।
बढ़ती जनसंख्या पर आई यूएन की रिपोर्ट से चिंतित गिरिराज सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "बढ़ती जनसंख्या और उसके अनुपात में घटते संसाधन को कैसे झेल पाएगा हिंदुस्तान? जनसंख्या विस्फोट हर दृष्टिकोण से हिंदुस्तान के लिए खतरनाक।"
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस का कोई भविष्य नहीं है, और भाजपा ही केसीआर के नेतृत्व वाली टीआरएस को चुनौती देने की क्षमता रखती है।
लोकसभा अध्यक्ष के लिए नाम पर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। कोटा से बीजेपी सांसद ओम बिड़ला लोकसभा के नए स्पीकर होंगे। ओम बिड़ला अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं। राजस्थान में विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें संगठन की जिम्मेदारी भी दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश से आने वाले जगत प्रकाश नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पिछली मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे नड्डा को जब हालिया गठित मंत्रिमंडल में कोई जगह नहीं दी गई थी, तभी से यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी मिलने वाली है।
अपनी चिट्ठी में उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बीजेपी ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को चुनने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और केंद्र सरकार ने भी उनके साथ राष्ट्रीय राजधानी में एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम देकर उनकी स्मृति को याद किया।
नीतीश कुमार ने भी पिछले दिनों अपना रुख दोहराते हुए कहा था कि उनका विचार है कि अनुच्छेद 370 समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह, समान नागरिक संहिता किसी के ऊपर नहीं थोपी जानी चाहिए और अयोध्या राम मंदिर का मुद्दा या तो संवाद के जरिए सुलझाया जाए या फिर अदालत के आदेश के जरिए।
केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थानों के प्रमुखों की बैठक में निशंक ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए और भी कई महत्वपूर्ण बातें कही। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं के विकास के लिए नए तरीके खोजने की ज़रूरत है।