Thursday, January 27, 2022
Homeराजनीतिममता बनर्जी को जोर का झटका, विधायक सहित TMC के 4 नेताओं ने जॉइन...

ममता बनर्जी को जोर का झटका, विधायक सहित TMC के 4 नेताओं ने जॉइन की BJP

विधायकों के लागातर पार्टी छोड़ना तृणमूल के लिए खतरे की घंटी है। ममता बनर्जी भी इससे खीझी हुईं हैं। उनकी यह खीज किसी न किसी बहाने लगातार बाहर आ रही है।

कैलाश विजयवर्गीय की उपस्थिति में तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक मनिरुल इस्लाम ने बीजेपी जॉइन कर ली है। इसके अलावा टीएमसी नेता गदाधर हाज़रा, मोहम्मद आसिफ इकबाल और निमाई दास ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है। कैलाश विजयवर्गीय के साथ मुकुल रॉय की मौजूदगी में ये सभी नेता दिल्ली में आज (मई 29, 2019) को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी में शामिल हुए हैं।

इससे पहले भी मंगलवार (मई 28, 2019) को टीएमसी के 2 विधायकों और 50 से अधिक पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए थे। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि हम 7 चरणों में टीएमसी विधायकों को बीजेपी में शामिल करवाएँगे। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव भी 7 चरणों में संपन्न हुए थे। जिसके बाद विजयवर्गीय ने चुनाव के 7 चरणों की तरह ही विधायकों को बीजेपी के साथ जोड़ने का ऐलान किया था।

बता दें कि इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह कहकर बंगाल के सियासत में हलचल मचा दी थी कि ‘दीदी आपके 40 विधायक हमारे संपर्क में हैं।’

विधायकों के लागातर पार्टी छोड़ना तृणमूल के लिए खतरे की घंटी है। ममता बनर्जी भी इससे खीझी हुईं हैं। उनकी यह खीज किसी न किसी बहाने लगातार बाहर आ रही है। यहाँ तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता भेजा था, जिसे उन्होंने स्वीकार करने के बाद यू-टर्न लेते हुए अस्वीकार कर दिया।

ममता बनर्जी ने एक चिट्ठी जारी कर लिखा कि बीजेपी ने इस कार्यक्रम में मृत बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवार वालों को बुलाया है और इसे राजनीतिक हत्या करार दिया है। ममता ने कहा कि ये राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि आपसी रंजिशों के मामले हैं।

ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा था, “बधाई, नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपके संवैधानिक आमंत्रण को मैंने स्वीकार कर लिया था और आपके शपथ ग्रहण समारोह में मैं आने को तैयार थी। लेकिन पिछले कुछ समय में मैंने रिपोर्ट्स देखी हैं कि भारतीय जनता पार्टी कह रही है कि उन्होंने बीजेपी के उन 54 कार्यकर्ताओं के परिवार को भी न्यौता दिया है जिनकी बंगाल में राजनीतिक हत्या कर दी गई है।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘योगी जैसा मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और अखिलेश भी नहीं रहे’: सपा के खिलाफ प्रचार पर बोलीं अपर्णा यादव- ‘पार्टी जो कहेगी करूँगी’

अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें मेरा समाजसेवा का काम दिखा था, जबकि अखिलेश यह नहीं देख पाए।

धर्मांतरण के दबाव से मर गई लावण्या, अब पर्दा डाल रही मीडिया: न्यूज मिनट ने पूछा- केवल एक वीडियो में ही कन्वर्जन की बात...

लावण्या की आत्महत्या पर द न्यूज मिनट कहता है कि वॉर्डन ने अधिक काम दे दिया था, जिससे लावण्या पढ़ाई में पिछड़ गई थी और उसने ऐसा किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,876FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe