पीड़ित डॉक्टर की माँ ने कहा, "हमने सोचा था कि सीबीआई तेजी से जाँच करेगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। लेकिन अब जब आरोपितों को जमानत मिल गई है, ऐसा लग रहा है कि हमारे ज्यूडिशियरी सिस्टम ने हमारा साथ छोड़ दिया।"
सीबीआई जानना चाहती है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के उस समय प्रिंसिपल रहे डॉ संदीप घोष और पीड़ित महिला डॉक्टर के साथ तैनात रहे 4 डॉक्टरों के बयान में कितनी सच्चाई है।
संदीप घोष जैसे दागी व्यक्ति को न सिर्फ एक से बढ़कर एक महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया जा रहा है, बल्कि उसके कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का प्रिंसिपल बनने के पीछे भी एक बड़ी जानकारी सामने आई है।