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सुप्रीम कोर्ट से मिलेगी दारा सिंह को रिहाई, ओडिशा सरकार और CBI से माँगा जवाब: 25 साल जेल में, फिर भी परोल क्यों नहीं? राजीव गाँधी के हत्यारे की तर्ज पर सजा से छूट की माँग

सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिया गया कि वह उन पाँच समितियों की रिपोर्ट पेश करे, जिन्होंने दारा सिंह की रिहाई पर विचार किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (6 जनवरी 2024) को ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो बच्चों की हत्या के मामले में दोषी दारा सिंह की रिहाई को लेकर दायर याचिका पर ओडिशा सरकार और सीबीआई से जवाब माँगा। अदालत ने दोनों पक्षों को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने की। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में पक्षकार बनाने का आदेश दिया, क्योंकि हत्याकांड की जाँच सीबीआई ने की थी।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्देश दिया गया कि वह उन पाँच समितियों की रिपोर्ट पेश करे, जिन्होंने दारा सिंह की रिहाई पर विचार किया था। राज्य सरकार ने फरवरी 2023 में इन समितियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय माँगा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को चार हफ्तों का समय देते हुए सभी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

दारा सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने जेल में लगभग 25 साल बिना किसी पैरोल के गुजारे हैं और उन्हें रिहाई का हक है। याचिका में उन्होंने राजीव गाँधी हत्याकांड के दोषी ए.जी. पेरारिवलन की रिहाई को आधार बनाते हुए कहा कि सुधारात्मक न्याय (Reformative Justice) के सिद्धांत को उनके मामले में भी लागू किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दारा सिंह के वकील विष्णु जैन ने दलील दी कि दारा सिंह अब 61 साल के हो चुके हैं और उन्हें कभी परोल भी नहीं मिला। सिंह ने यह भी बताया कि जब उनकी माँ का निधन हुआ, तब भी उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।

याचिका में दारा सिंह ने दावा किया कि उनके रिहाई के लिए राज्य सरकार को कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन उन्हें अनदेखा कर दिया गया। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए इसे उनके मूल अधिकार का हनन बताया।

गौरतलब है कि साल 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले में ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बच्चों को जिंदा जलाने का मामला सामने आया था। इस हत्याकांड के मुख्य दोषी बजरंग दल कार्यकर्ता दारा सिंह को 2003 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वो हत्याकांड के बाद से ही जेल में हैं और अब सुप्रीम कोर्ट के जरिए रिहाई की माँग कर रहे हैं।

(दारा सिंह के जेल में रहते हुए परिवार की वर्तमान स्थिति को लेकर ऑपइंडिया ने सीरीज प्रकाशित की थी, उसे आप यहाँ (दारा सिंह की रिहाई ही न्याय: ग्राउंड रिपोर्ट) पढ़ सकते हैं।)

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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