"अजीत जोगी कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं दे सके जिससे वह यह साबित कर सकें कि वह आदिवासी जाति से ताल्लुक रखते हैं। लिहाजा बिलासपुर के कलेक्टर को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी नियम 2013 के तहत उन पर एक्शन लेने के लिए कहा गया है।"
पुलिस का कहना है कि सरपंच की शिकायत मिलने के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। दो दिनों पहले ही एक व्यक्ति गायों को लेकर काँजी हाउस आया था। उसने गायों को खुले में रखने की जगह उन्हें एक छोटे कमरे में बंद कर दिया था।
इस वीडियो में हम देख सकते हैं कैसे एक एक व्यक्ति आश्रम की महिला सफाई कर्मी के साथ बेहरमी से मारपीट कर रहा है, वो भी सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उसने अपने 3 महीने के नवजात के साथ हॉस्टल में शरण ले रखी है।
“मुझे अपने भाई की जगह नौकरी मिली है। मैंने विभाग से अनुरोध किया था कि मुझे मेरे भाई की बंदूक ही दी जाए। नक्सली कायर हैं। मैं दंतेश्वरी फाइटर टीम को जॉइन करना चाहूँगी और अपने भाई की मौत का बदला लेना चाहूँगी।”
दुबे द्वारा वीडियो नहीं हटाने और माफी नहीं माँगने पर ब्लॉक कॉन्ग्रेस अध्यक्ष समेत अनेक महिला नेताओं ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
''वाह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी! छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान का प्रतीक है दुपट्टा-पगड़ी, लेकिन जन चौपाल में आपसे मिलने आए लोगों की शिकायतें सुनने से पहले उनके गमछे-पगड़ी को सीएम हाऊस में उतरवाकर यूँ टाँग दिया! दुपट्टा-पगड़ी से भी आपकी सुरक्षा को खतरा है क्या?''
शुक्रवार की शाम को बारिश के साथ आकाशीय बिजली के साथ गिरी आकाशीय बिजली के सम्पर्क में आने से सड़क पर बिछाए गए सभी 56 IED बम ब्लास्ट हो गए। इतनी भारी मात्रा में IED बिछाने का मक़सद किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था।
संतोष पुनेम की लाश सड़क पर पड़ी मिली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लोधेड़-मारिमल्ला में निर्माण कार्य किया जा रहा था, जिस वजह से संतोष नक्सलियों के निशाने पर थे।