"हम तेरे (कोरोना) अधिकार को समाप्त करते हैं। जहाँ से तू आया है, तुझे हम वहीं भेज देते हैं यीशु के नाम से। आज से और इसी घड़ी से इसी समय से ये शैतानी शक्ति देश को छोड़ दे।"
दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।
मुंबई के रहने वाले पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपित पादरी ने उनकी बेटी के कैंसर के इलाज के बहाने उन्हें 80 हजार रुपए का चूना लगा दिया। परिवार का आरोप है कि इलाज के बहाने पादरी ने हिंदू परिवार का ईसाई धर्मान्तरण कराने की कोशिश की थी।