अलोक मेहता के अनुसार, राहुल गाँधी कि ताज़ा राजनीति जातिवाद और कम्युनिज्म का मिश्रण है, भले उन्हें इसका तात्कालिक फायदा हो जाए, आगे जाकर भारत को इसका नुकसान होगा।
भारतीय सेना और भारत की जीत को सिर्फ इसलिए श्रेय नहीं दिया गया, क्योंकि कॉन्ग्रेस और यूपीए की नजर में ये भारत और भारतीय सेना की लड़ाई नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई थी।
RA&W और सेना के पूर्व अधिकारी कह चुके हैं कि कॉन्ग्रेस ने पंजाब में खिसकती जमीन वापस पाने के लिए भिंडराँवाले को पैदा किया। अब वही फॉर्मूला पार्टी अमृतपाल सिंह के साथ आजमा रही। कॉन्ग्रेस के बड़े नेता जरनैल सिंह के सामने फर्श पर बैठते थे। संजय गाँधी ने उसे 'संत' बनाया था।