DAC ने 80,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों के प्रपोज़ल को मंजूरी दी है। इससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और जेन टेक जैसी कंपनियों को फायदा हो सकता है।
रक्षा क्षेत्र में भारत मेक इन इंडिया की दिशा में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। हैमर से लेकर राफेल में इस्तेमाल होने वाला फ्यूजलाज का उत्पादन भारत में होने जा रहा है।
इंडियन आर्म्ड फोर्सेस ने अब तक की 15 साल की सबसे बड़ी रक्षा योजना पेश की है। इसके तहत भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना को अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा।
DRDO ने ओडिशा में समुद्र तट पर 'इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम' का सफल परीक्षण किया। यह सिस्टम दुश्मन के किसी भी हवाई हमले से देश की रक्षा कर सकता है।