दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों में गोलीबारी करने वाले और पुलिसकर्मी पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को जेल में डर लग रहा है, ऐसा उसने कोर्ट को दी गई अर्जी में बताया है।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शन के दौरान देशद्रोही बयान के आरोपित शरजील इमाम के खिलाफ क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली के पटियाला कोर्ट में शनिवार (25 जुलाई, 2020) को चार्जशीट दाखिल किया है।
शरजील इमाम को पुलिस की स्पेशल सेल असम की जेल से दिल्ली ला रही थी। आज पुलिस को शरजील को लेकर दिल्ली पहुँचना था, लेकिन उसके कोविड पॉजिटिव होने से रुकना पड़ेगा।
खालिद सैफी के गुनाहों पर भावुकता की लीपापोती करने का जिम्मा उठाया है राणा अय्यूब ने। वह चाहती हैं कि सैफी के बच्चों के सवाल याद रहे, लेकिन वे तमाम बच्चों बिसरा दिए जाएँ जिनसे दिल्ली दंगों ने पिता छीन लिया था।
हिंदुओं द्वारा 'हिंदू विरोधी दंगों' की शुरुआत करने का कोई भी आरोप एक झूठ का पुलिंदा है। खासतौर से वामपंथी मीडिया ने सिर्फ अपना फेक नैरेटिव गढ़ने के लिए उस वक्त मोहन नर्सिंग होम की आड़ में दंगाइयों को बचाने के लिए हिंदुओं को निशाना बनाया था।
चार्जशीट के मुताबिक सफूरा भी पुलिस हेड कॉन्सटेबल रतन लाल की हत्या की उतनी ही जिम्मेदार है, जितनी कि दंगाइयों की भीड़। रतन लाल की हत्या में सफूरा का नाम मुख्य साजिशकर्ता में शामिल है।