केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान ने इस पर ट्वीट करते हुए लिखा, “लोकदल पार्टी जिस तरह से किसानों की आड़ में आपसी भाईचारा खराब करने का प्रयास किया वह निंदनीय है।”
किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
कृषि क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए गए कानूनों के प्रति समर्थन व्यक्त करते देश के विभिन्न हिस्सों के 850 से अधिक शिक्षाविदों ने एक पत्र लिखा है।
यदि कोई पुलिसकर्मी ऐसे प्रयासों के दौरान चोटिल हो जाए तो जिम्मेदार किसे माना जाएगा? क्या इस तरह कोई प्रदर्शन हो रहा है? भारत में पुलिस की जान की कोई कीमत नहीं है क्या?