Wednesday, February 21, 2024
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7% नहीं, अब किसानों को 12% पर लोन: मोदी सरकार का फैसला, RBI ने जारी किए निर्देश – Fact Check

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के लिए 7 प्रतिशत लोन पर किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की थी और आज देश के बहुत से किसानों के पास केसीसी है।

देश के किसानों को भड़काने के लिए एक ओर विपक्ष अपनी राजनीति कर रहा है। दूसरी ओर मीडिया फर्जी खबरें चला कर उनको बरगला रहा है। ताजा मामला किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक खबर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन की ब्याज दर को 7% से बढ़ाकर 12% कर दिया गया है।

इस खबर के अनुसार 1 अप्रैल से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर लोन 7 प्रतिशत की जगह 12 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा। इस दावे को साबित करने के लिए खबर में आरबीआई का हवाला देकर कहा गया है कि आरबीआई ने सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों को दिशा-निर्देश भी इस संबंध में जारी कर दिए हैं और यह सब जानकर किसानों में भारी रोष है।

खबर के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किसानों के लिए 7 प्रतिशत लोन पर किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की थी और आज देश के बहुत से किसानों के पास केसीसी है। केसीसी लोन का कार्ड रेट वैसे बारह प्रतिशत है, लेकिन सरकार 5 परेंसट सब्सिडी देकर 7 परसेंट ब्याज लेती है, लेकिन अब किसानों को 1 अप्रैल से बारह प्रतिशत ब्याज दर पर ही केसीसी लोन दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही इस खबर की प्रमाणिकता क्या है? इसका खुलासा पीआईबी फैक्टचेक ने किया है। पीआईबी ने खबर पर संज्ञान लेते हुए इसे फर्जी बताया है। खबर का फैक्ट चेक करते हुए पीआईबी ने लिखा, “खबर में दावा किया जा रहा है कि अब किसान क्रेडिट कार्ड लोन 7% की जगह 12% ब्याज दर पर मिलेगा। यह दावा फ़र्ज़ी है। केंद्र सरकार ने केसीसी लोन के ब्याज दर को बढ़ाने के संबंध में ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।”

जानें क्या है किसान क्रेडिट कार्ड?

किसान क्रेडिट कार्ड बैंकों की ओर से किसानों को जारी किए जाते हैं। इनकी वैधता 5 साल की होती है और मैक्सिमम लिमिट बैंकों पर निर्भर करती है। किसानों के लिए इसकी राशि उनकी आय के आधार पर तय होती है। इस कार्ड की मदद से किसान कृषि कार्यों के लिए लोन लेते हैं। लोन पर 7 % का ब्याज लगता है। यह कार्ड पाने के लिए किसान बैंकों में अप्लाई करते हैं। बैंक किसान की योग्यता की जाँच करते हैं और 3-4 दिन में किसान को सूचित करते हैं। अगर बैंक को लगता है कि किसान यह कार्ड पाने योग्य हैं तो उससे जरूरी कागजात माँगे जाते हैं। जरूरी कागज या तो बैंकों में जमा होते हैं या बैंक की ओर से आकर कोई उन्हें घर से ले जाता है। सारी जाँच और वेरिफिकेशन के बाद किसानों को यह कार्ड उपलब्ध करवाया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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