Tuesday, April 13, 2021
Home देश-समाज 850 से अधिक प्रसिद्ध शिक्षाविदों ने पत्र लिखकर किया कृषि सुधार कानूनों का समर्थन,...

850 से अधिक प्रसिद्ध शिक्षाविदों ने पत्र लिखकर किया कृषि सुधार कानूनों का समर्थन, कहा- सरकार के आश्वासन पर पूरा भरोसा

कृषि क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए गए कानूनों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों के 850 से अधिक शिक्षाविदों ने एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून कृषि व्यापार को प्रतिबंधों से मुक्त करने और किसानों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी उपज बेचने में सक्षम बनाते हैं।

एक तरफ जहाँ तथाकथित किसान दिल्ली सीमा पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं तो वहीं इन कानूनों को देश भर में व्यापक समर्थन भी मिल रहा है। कृषि क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए मोदी सरकार द्वारा लाए गए कानूनों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों के 850 से अधिक शिक्षाविदों ने एक पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून कृषि व्यापार को प्रतिबंधों से मुक्त करने और किसानों को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी उपज बेचने में सक्षम बनाते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ उपकुलपतियों समेत प्रख्यात बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों ने कहा कि संघ सरकार ने किसानों को बार-बार आश्वासन दिया है कि इन तीनों कृषि कानूनों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये पहले की तरह ही रहेगा। नया कृषि कानून सभी अवैध बाजार प्रतिबंधों से कृषि व्यापार को मुक्त करता है, ‘मंडियों’ से परे बाजार खोलने की अनुमति देता है और साथ ही सीमांत किसानों को बाजार / प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपनी उपज बेचने में मदद करता है।

Image Source: Mukul Yadav/ Twitter

पत्र में कहा गया है, “नए कानून किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पूर्ण स्वायत्तता प्रदान करते हैं। हम किसानों को अपनी आजीविका की सुरक्षा के लिए सरकार के आश्वासन पर पूरा विश्वास करते हैं। सरकार अभी भी न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के सिद्धांत के लिए प्रतिबद्ध है।”

जीवंत चर्चा के बाद किए गए सुधार: विशेषज्ञ, शिक्षाविद

प्रख्यात विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए कृषि सुधारों के एजेंडे के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानून कैसे लाया गया। बयान में कहा गया कि जीवंत चर्चा होने के बाद संसद के मानसून सत्र में विधेयक पारित किए गए। भारत एक ऐसा देश है जहाँ की अधिकांश आबादी अभी भी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।

शिक्षाविदों ने कहा, “हम सरकार और किसानों दोनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उनके गहन प्रयासों को सलाम करते हैं। हम सभी जीवंत रहेंगे, प्रगति करेंगे और एक साथ शांति से विकास करेंगे।” कई किसानों के समूहों द्वारा मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों का स्वागत करने के बाद शिक्षाविदों द्वारा तीन प्रमुख कृषि सुधारों का समर्थन करने से इसका विस्तार हुआ है।

मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए कृषि कानूनों के लिए व्यापक स्वीकृति

जब से मोदी सरकार ने तीन कृषि कानूनों को पारित किया है, देश भर के किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करने के लिए आगे आए थे और केंद्र से अनुरोध किया था कि वह प्रदर्शनकारियों की माँगों के सामने न झुकें। पंजाब सहित विभिन्न राज्यों के इन किसानों ने कहा था कि नए खेत कानून उनके लिए फायदेमंद हैं और कहा कि इनको निरस्त नहीं किया जाना चाहिए।

बता दें कि पंजाब के किसान इन कानूनों को निरस्त करने की माँग कर रहे हैं। हालाँकि, देश के अधिकांश किसान खुलकर समर्थन में आ गए हैं। मोदी सरकार द्वारा पारित तीन कानूनों ने उन्हें संबंधित राज्य सरकारों द्वारा पारित APMC अधिनियमों द्वारा लगाए गए पहले के प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया है।

सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो और साक्ष्य सामने आए हैं, जो साबित करते हैं कि सभी किसानों ने न सही, मगर अधिकतर किसानों ने कृषि सुधार कानूनों का स्वागत किया है। हाल ही में हरियाणा के लगभग 1.20 लाख किसानों ने कृषि कानूनों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया था और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कृषि कानूनों को वापस नहीं लेने की माँग की थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

SHO बेटे का शव देख माँ ने तोड़ा दम, बंगाल में पीट-पीटकर कर दी गई थी हत्या: आलम सहित 3 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी भी...

बिहार पुलिस के अधिकारी अश्विनी कुमार का शव देख उनकी माँ ने भी दम तोड़ दिया। SHO की पश्चिम बंगाल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

जुमे की नमाज के बाद हिफाजत-ए-इस्लाम के कट्टरपंथियों ने हिंसा के लिए उकसाया: हमले में 12 घायल

मस्जिद के इमाम ने बताया कि उग्र लोगों ने जुमे की नमाज के बाद उनसे माइक छीना और नमाजियों को बाहर जाकर हिंसा का समर्थन करने को कहने लगे। इसी बीच नमाजियों ने उन्हें रोका तो सभी हमलावरों ने हमला बोल दिया।

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,165FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe