'हिन्दू ग्रोथ ऑफ रेट' हिन्दू संस्कृति के विकास का नहीं बल्कि देश की गिरी हुई अर्थव्यवस्था से जुड़ा शब्दावली है, जिसे 1950 से अगले 3 दशक के लिए इस्तेमाल किया गया।
आरफा को कभी भी हलाला, तीन तलाक जैसे मुद्दे विरोध के लायक नहीं लगे, उन्हें दिक्कत हुई तो राम मंदिर से, वहाँ फहराते केसरिया झंडे से और भगवा कपड़ों में वहाँ पहुँचे भक्तों से।