रेड जोन में अब डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। इन जिलों में जो भी लोग किसी भी फ्लू या खाँसी-सर्दी से पीड़ित मिलेंगे, उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। हॉटस्पॉट एरिया में लोगों की पहचान के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान हर सोमवार को चलेगा।
आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में दी थी। यह ऐप न केवल आपको कोरोना के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में भी मदद करता है।
वे क्रांतिकारियों के बम विशेषज्ञ थे। उनके ही बनाए बम का इस्तेमाल खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किया था मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड के काफिले पर हमले में किया था। जयंती पर बम क्रांति के जनक उल्लासकार दत्ता को नमन।
भारत की बात करें तो इसकी अर्थव्यवस्था की विकास दर 1.9% की रफ़्तार से बढ़ेगी, जो 2019 में 4.2% थी। अगर भारत और चीन की तुलना करें तो चीन 2020 में 1.2% की आर्थिक विकास दर के साथ भारत से पीछे छूट जाएगा। इस दौरान अमेरिका (-5.9%), जर्मनी (-7%), फ़्रांस (-7.2%) और इटली (-9.1%) की हालत पस्त रहेगी।
गाइडलाइन के अनुसार, मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू, गुटका आदि खाकर थूकना या शराब बेचना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस लॉकडाउन में कृषि से जुड़े कामों के लिए रियायत दी जाएगी।
भारतीय रेलवे द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए माल और पार्सल गाड़ियों की आवाजाही बनी रहेगी। वहीं DGCA की ओर से जारी सर्कुलर में इस बात का उल्लेख है कि यह प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन और उन उड़ानों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें विशेष रूप से DGCA ने अप्रुवल दिया है।
भारत में कोरोना से लड़ने के लिए सरकार द्वारा 1 लाख से अधिक Beds की व्यवस्था की जा चुकी है। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं।
देश में अबतक कोरोना संक्रमित कुल मामलों की संख्या 9352 हो गई है जिसमें से 980 ठीक हो चुके हैं जबकि 8048 एक्टिव केसेस हैं। इसके अलावा देश में अबतक कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 324 हो चुकी है। लव अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमित 905 नए मामले सामने आए हैं जबकि 51 मौतें हुईं हैं।
इनमें दूसरे देशों ने भी अपने नागरिकों को निकालने के लिए फ्लाइट्स का इंतजाम किया। गल्फ देशों, यूरेशिया और पड़ोसी देशों के लोगों को निकाला गया। चुनौती यह थी कि अधिकतर विदेशी पर्यटक बड़े शहरों से काफ़ी दूर फँसे हुए थे।
"भारत के लोगों ने जिस तरह से इस पर अमल किया, हम उसका समर्थन करते हैं। हमारे पास इसका विस्तृत आँकड़ा नहीं है, लेकिन हमें लगता है कि आप लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना के बहुत बड़े प्रकोप को रोकने में सक्षम हैं।"