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73% भारतीयों का मोदी में भरोसा बरकरार, 61% की नजर में राहुल गाँधी भरोसे के लायक नहीं: सर्वे

73.6 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार चीन की धोखेबाजी का बदला लेने में सक्षम है। केवल 16.7 प्रतिशत लोगों ने माना कि कॉन्ग्रेस बेहतर तरीके से उससे निपट सकती।

चीन के साथ हालिया तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बनी हुई है। ताजा सर्वे में करीब 73 फीसदी लोगों ने उनके नेतृत्व में भरोसा जताया। वहीं सर्वे में शामिल करीब 61 फीसदी लोगों का कहना था कि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी भरोसे के लायक नहीं हैं।

यह स्नैप पोल एबीपी न्यूज़ और सी वोटर की ओर से कराया गया था। इस दौरान 10,500 लोगों से बातचीत की गई है। अलग-अलग सवालों पर उनसे रायशुमारी की गई।

सर्वे में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर 72.6 प्रतिशत लोगों ने नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताया। सिर्फ 14.4 प्रतिशत लोगों ने ही अपना विश्वास राहुल गाँधी को लेकर दर्शाया।

इस सर्वे में लोगों ने पाकिस्तान की तुलना में चीन को भारत के लिए अधिक घातक बताया। सर्वेक्षण के अनुसार, 68 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि पाकिस्तान की तुलना में चीन भारत के लिए अधिक चिंता का विषय है।

73.6 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार चीन की धोखेबाजी का बदला लेने में सक्षम है। केवल 16.7 प्रतिशत लोगों ने माना कि कॉन्ग्रेस बेहतर तरीके से उससे निपट सकती।

गौरतलब है सर्वे में पीएम मोदी और कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की लोकप्रियता में ज़मीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। 61% लोगों का कहना था कि राहुल गाँधी देश के लिए विश्वास पात्र नहीं हैं। उनका मानना हैं कि इस वक़्त सीमा में तनाव का माहौल होने के बावजूद राहुल गाँधी अपने ‘असफल कूटनीति’ के तहत सरकार पर हमला करने में चूक नहीं रहे हैं।

गलवान में हुए हमले के बाद 68% देश के नागरिकों का यह भी मानना है कि वे चीन निर्मित सामानों का बहिष्कार कर उसकी इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुँचा सकते हैं। 31 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे चीनी माल खरीदना जारी रखेंगे, क्योंकि उन्हें इस गतिरोध से कोई फर्क नहीं पड़ता।

60% लोग चाहते हैं कि चीन को मुँहतोड़ जवाब दिया जाए। 39 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि मोदी सरकार ने गलवान घाटी में चीन को कठोर प्रतिक्रिया दी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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