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नान-टिमाटर वाला Pak 66वाँ खुशहाल देश, भारत 140वाँ: बकवास सर्वे और इसे शेयर करने वाले बेकार लोग!

विश्व खुशहाली रिपोर्ट में पाकिस्तान को 66वाँ खुशहाल देश बताना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। आखिर किस आधार पर उसे यह रैंकिंग दी गई, क्योंकि गैलप के सर्वे ने तो पाकिस्तान की जनता की नाखुशी और नापसंदगी को जाहिर कर ही दिया और वहाँ की अर्थव्यवस्था तो माशाल्लाह!!! ताज्जुब की बात है कि फिर भी रैंकिंग में 66वाँ खुशहाल देश?

COVID-19: दुनियाभर में 2 लाख से अधिक संक्रमित, स्पेन में एक ही दिन में 190 मौतें, भारत में 14 हो चुके हैं रिकवर

चीन के बाद इस भयानक वायरस का कहर यूरोप में टूट रहा है। आँकड़ों के अनुसार, कोरोना के कारण सबसे ज्यादा मौत चीन (3,237) के बाद अभी तक इटली (2,503) में हुई हैं और ईरान (1,135) तीसरे नम्बर पर है।

Covid-19: मोदी की स्वास्थ्य नीति पर सवाल उठाने वाले लिबरल गिरोह की आँखें खोलने के लिए यह महामारी काफी है

यह दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि भारत जैसे विकासशील देशों में आज भी किसी बड़े पुनर्जागरण के लिए कई जिंदगियाँ दाँव पर लगानी होती हैं। स्वच्छता और बेहतर हाइजिन जैसे मुद्दों को हर गली-गाँव और अखबारों की हेडलाइन बनने तक चाइनीज वायरस कोरोना एक बड़े वर्ग को प्रभावित कर चुका था। लेकिन देर से ही सही, लोग इस ओर जागरूक हुए और शायद इसके बाद इन सब बातों का महत्व समझना शुरू कर देंगे।

‘IS आतंकी तो नमाज भी नहीं पढ़ते, मेरे साथ धोखा हुआ… मैं तो खलीफा के हिसाब से जीने के लिए ज्वाइन की थी’

"हम अफगानिस्तान यह सोचकर आए थे कि 'खलीफा' के हिसाब से इस्लामी जीवन जी सकेंगे। लेकिन जब हम यहाँ पहुँचे, तो हमने महसूस किया कि लोग नमाज पढ़ने तक के लिए भी नहीं जा रहे थे।" आयशा का पति अब्दुल राशिद अब्दुल्ला भी आईएस को लेकर काफी निराश था। इसलिए उसने वहाँ आत्महत्या कर ली।

कोरोना है, नहीं है… या कंफ्यूजन है? हर तरह की जानकारी के लिए एकमात्र साइट, खुद PM मोदी कर रहे शेयर!

+91-11-23978046 पर कॉल कर के आप कोरोना वायरस से सम्बंधित किसी भी प्रकार की सूचना ले या दे सकते हैं, मदद माँग सकते हैं। सारे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर की सूची प्रदान की गई है। ईमेल आईडी [email protected] पर आप मेल कर के कोरोना सम्बंधित मदद ले सकते हैं।

वो इस्लामिक देश जो पहले दे रहा था धमकी, अब कोरोना पर भारत से माँग रहा मदद की भीख

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर स्पष्ट तौर पर मदद माँगी है और कहा है कि उसे अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील दिलवाई जाए।

हम भाग्यशाली हैं, भारत ने हमारे लिए दवाएँ-मेडिकल टीम भेजी: मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह

कोरोना पर सार्क देशों के साथ चर्चा में पीएम मोदी ने इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि 'तैयार रहें, लेकिन घबराएँ नहीं' ही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है।

PM मोदी के मुरीद हुए सभी देश: कोरोना की चपेट में आए ईरान, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया देख रहे भारत की ओर

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी-20 के बीच लिंक-अप को बढ़ावा देते हुए कोरोना के खतरे से निपटने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने कहा कि ये काफ़ी सराहनीय है।

‘मोदी समुदाय विशेष को भारत से भगाना चाहते हैं तो जहाज में भरकर कौन लाए जा रहे’

कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में से एक ईरान से लाए गए लोगों में से 103 तो मजहबी यात्रा गए थे। लेकिन, निकालते वक्त सरकार ने उनसे मजहब नहीं पूछा, क्योंकि वे भारतीय थे।

कोरोना से हुई मौत… तो परिजनों को नहीं मिलेंगे ₹4 लाख: इलाज में SDRF फंड से किया जाएगा खर्च

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के संक्रमण से मौत होने पर ऐसा कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। सरकार अब इन रुपयों का इस्तेमाल क्वारंटाइन (इलाज), सैम्पल कलेक्शन और स्क्रीनिंग के लिए करेगी। अब एसडीआरएफ फंड का ही इस्तेमाल कोरोना से संक्रमित लोगों के लिहाज के लिए ज़रूरी उपकरण व सामान ख़रीदने हेतु भी किए जाएँगे।

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