Monday, April 19, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया इस्लामोफोबिया के नाम पर अब अलजजीरा ने फैलाया प्रोपेगेंडा, भारतीय मुस्लिमों की हालत उइगर...

इस्लामोफोबिया के नाम पर अब अलजजीरा ने फैलाया प्रोपेगेंडा, भारतीय मुस्लिमों की हालत उइगर जैसी बताई

लेख श्रीलंका के मुस्लिमों पर था। लेकिन, लेखक उमर सुलेमान ने भारत पर ही चर्चा कर डाली। यहॉं के मुस्लिमों की स्थिति चीन के उइगर और म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों जैसी बताई। कहा कि इन सभी देशों में कोरोना संकट का इस्तेमाल मुस्लिमों पर अत्याचारों को छिपाने के लिए किया जा रहा है।

वैश्विक कोरोना महामारी के इस दौर में इस्लामोफोबिया के नाम पर भारत को बदनाम करने की विदेशी मीडिया लगातार कोशिश कर रहा है। पिछले कुछ समय में हमने न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अखबारों में इसके नमूने कई बार देखे। अब ताजा मामला अलजजीरा का है। उसने दुनिया के किसी भी देश में मुस्लिमों की बिगड़ती स्थिति को बताने के लिए भारत के नाम का इस्तेमाल उदाहरण के तौर पर किया है।

दरअसल, कल अलजजीरा में एक लेख प्रकाशित हुआ। इस लेख में लेखक को मुख्यत: श्रीलंका में मुस्लिमों की स्थिति पर बात करनी थी। लेकिन, लेखक उमर सुलेमान ने श्रीलंका में मुस्लिमों की गंभीर स्थिति से अपने पाठकों को अवगत कराने के लिए व अपनी बातों में वजन डालने के लिए यहाँ भारत के नाम का चुनाव किया। साथ ही लेख की हेडलाइन से लेकर लेख के आधे भाग तक वो भारत के विषय पर चर्चा में व्यस्त रहे।

भाजपा और मीडिया को बताया इस्लामोफोबिया का जिम्मेदार

लेखक ने कोरोना संकट में भारतीय मुस्लिमों की स्थिति को गंभीर बताया और मरकज का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी और मीडिया दोनों ही मुस्लिम समुदाय को कोरोना वायरस का सुपर स्प्रेडर्स और कोरोना आतंकी बताने की कोशिश कर रहे हैं। इसके कारण मस्जिदों में जाने वालों के साथ आतंकियों की तरह बर्ताव किया जा रहा है।

उस्मान मानते हैं कि भारत में कोरोना संकट को भारतीय सरकार ने देश में इस्लामोफोबिया फैलाने के लिए इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि भारत सरकार ने कोरोना के आगामी परिणामों से लोगों का ध्यान हटाने लिए मुस्लिमों को बलि के बकरे की तरह उपयोग किया और ऐसा करके वह भारत की बहुसंख्यक आबादी के पूर्वाग्रहों को और मजबूत करने में कामयाब रहे।

श्रीलंका के मुस्लिमों की स्थिति को भारतीय मुस्लिमों की तरह बताया

इसके बाद लेखक ने इस्लामोफोबिया के नाम पर भारतीय मुस्लिमों की स्थिति पर पूरी भूमिका बनाकर श्रीलंका के हालात पर बात की। श्रीलंका के लिए लगभग वहीं सब बातें थी।

भारत की तरह श्रीलंका पर भी यही आरोप था कि कुछ मुस्लिम कट्टरपंथियों के हमलों के कारण वहाँ मुस्लिमों का बहिष्कार हो रहा है। वहाँ के मीडिया और राष्ट्रवादी लोग मुस्लिमों को निशाना बना रहे हैं। साथ ही बहुसंख्यक आबादी मुस्लिमों से कोई भी सामान खरीदने मना कर रही है।

लेखक की शिकायत है कि अप्रैल में वहाँ की सरकार ने इस्लामिक रिवाजों के विपरीत कोरोना संक्रमित की मौत होने पर दाह संस्कार को अनिवार्य कर दिया, जिससे न केवल मुस्लिमों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ अपितु लोगों में ये संदेश भी गया कि मुस्लिमों के रिवाज के कारण कोरोना संक्रमण फैल रहा है।

उइगर और रोहिंग्याओं की तुलना भारतीय मुस्लिमों से

बात लेख में केवल श्रीलंका के मुस्लिमों तक नहीं रुकी। अंत तक आते-आते उस्मान ने इस लेख में भारतीय मुस्लिमों की स्थिति को चीन के उइगर मुस्लिमों और म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों की स्थिति से जोड़कर भी दर्शा दिया और आरोप लगाया कि इन सभी देशों में भी कोरोना संकट का इस्तेमाल मुस्लिमों पर किए अत्याचारों को छिपाने के लिए किया जा रहा है। वहाँ भी मुस्लिमों के जीवन के खतरे बढ़ते जा रहे हैं।

कोरोना में इस्लामोफोबिया के नाम पर बढ़ा विदेशी मीडिया का कारोबार

अब हालाँकि, हम सब जानते हैं कि भारत में कट्टरपंथी सोच वालों को छोड़ दिया जाए, तो मुख्तार अब्बास नकवी जैसे अनेकों आम मुस्लिम भारत को अपने लिए सबसे सुरक्षित देश मानते हैं, जहाँ उन्हें धर्म से संबंधी हर प्रकार की आजादी है।

मगर, फिर भी पिछले कुछ समय में ऐसा माहौल तैयार हुआ है, जहाँ देश के लोगों ने ही देश में इस्लामोफोबिया की अफवाह को इस तरह फैलाया कि अरब देश भी भारत पर ऊँगली उठाने लगे और विदेशी मीडिया इस पर अपनी जोरदार कवरेज करने लगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने पिछले महीने एक लेख छापा और तबीलीगी जमात के कारनामों पर उठते सवालों को नफरत बताकर पेश किया। विदेशी मीडिया ने इस दौरान आरोप लगाया कि भारत में कोरोना वायरस ने धार्मिक दुर्भावना को हवा दी है। इसके चलते भारतीय अधिकारी इस्लामिक समूहों को प्रतिबंधित कर रहे हैं और मुस्लिमों को हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित खबर

इसी प्रकार टाइम्स ने 3 अप्रैल को एक लेख छापा। लेख की हेडलाइन दी गई भारत में मुस्लिम होना पहले से ही खतरनाक था और फिर कोरोना वायरस आ गया।

14 अप्रैल को द इंटरसेप्ट के लिए मेहंदी हसन ने एक लेख लिखा। इस लेख में भी भारत का उदाहरण देकर इस्लामोफोबिया और इस्लामोफोबिक विचारधारा पर बात की गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि भाजपा सरकार ने भारत में कोरोना फैलाने के लिए मुस्लिमों को जिम्मेदार बताया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने पूर्व CM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, शिवसेना नेता कहा- ‘फडणवीस के मुँह में डाल देता कोरोना’

शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर उन्हें कहीं कोरोना वायरस मिल जाता, तो वह उसे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुँह में डाल देते।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक 5 शहरों में लगाए कड़े प्रतिबन्ध, योगी सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन से किया इनकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में लॉकडाउन लगाने से इंकार कर दिया है। यूपी सरकार ने कहा कि प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे। गरीबों की आजीविका को भी बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

जमातों के निजी हितों से पैदा हुई कोरोना की दूसरी लहर, हम फिर उसी जगह हैं जहाँ से एक साल पहले चले थे

ये स्वीकारना होगा कि इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब बिहार में चुनाव हो रहे थे। लेकिन तब 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' वालों ने जैसे नियमों से आँखें मूँद ली थी।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।

Remdesivir का जो है सप्लायर, उसी को महाराष्ट्र पुलिस ने कर लिया अरेस्ट: देवेंद्र फडणवीस ने बताई पूरी बात

डीसीपी मंजूनाथ सिंगे ने कहा कि पुलिस ने किसी भी रेमडेसिविर सप्लायर को गिरफ्तार नहीं किया है बल्कि उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था, क्योंकि...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,232FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe