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नेपाल ने जारी किया नया नक्शा: PM ओली ने कहा- ‘भारतीय वायरस’ घातक, मनीषा कोइराला ने किया समर्थन

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नेपाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर नया राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी करते हुए इस नए नक्‍शे में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के कुल 335 वर्ग किलोमीटर के इलाके को अपना बताया है।

नेपाल ने नया नक्शा जारी कर भारत के कुछ हिस्सों को अपना बताया है। इसके बाद उसके बाद प्रधानमंत्री केपी ओली ने ‘भारतीय वायरस’ को उस कोरोना वायरस से भी ज्यादा घातक बताया है, जिसके कारण चीन और इटली में हजारों लोगों की जान गई है। वहीं, लंबे समय तक बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी नेपाली मूल की अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने इस बयान का समर्थन किया है।

मनीषा कोइराला ने ट्वीट किया, “हमारे छोटे राष्ट्र की गरिमा बनाए रखने के लिए धन्यवाद। हम सभी तीन महान देशों के बीच शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।”

49 वर्षीय अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने नेपाली विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली के उस ट्वीट के जवाब में अपना समर्थन व्यक्त किया है, जिसमें कहा गया था कि नेपाल के मंत्रियों ने अपने सात प्रांतों, 77 जिलों और 753 स्थानीय प्रशासनिक प्रभागों को दिखाते हुए देश का एक नया नक्शा प्रकाशित करने का निर्णय लिया है, जिसमें “लिम्पाधुरा, लिपुलेख और कालापानी” शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आधिकारिक मानचित्र जल्द ही देश के भूमि प्रबंधन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नेपाल सरकार ने आधिकारिक तौर पर नया राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी करते हुए इस नए नक्‍शे में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के कुल 335 वर्ग किलोमीटर के इलाके को अपना बताया है।

सोमवार (मई 18, 2020) को हुई नेपाल कैबिनेट बैठक में भूमि संसाधन मंत्रालय ने नेपाल का संशोधित नक्शा जारी किया था, जिसका सबने समर्थन किया था।

नेपाल का सीमा विवाद कुछ दिन से चर्चा का विषय है। दरअसल, गत 8 मई को भारत ने उत्तराखंड राज्य के लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क का उद्घाटन किया था, जिसे लेकर नेपाल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी करने का फैसला किया।

नेपाल ने जारी किया नया नक्‍शा, लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को बताया अपना

रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने भी कहा था कि वह एक इंच जमीन भारत को नहीं देंगे। नेपाल ने अपने नए नक्‍शे में कुल 335 वर्ग किलोमीटर के इलाके को शामिल किया है। लिंपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी के अलावा गुंजी, नाभी और कुटी गॉंवों को भी शामिल किया गया है। ये इलाके भारत की सीमा में आते हैं।

वहीं सोशल मीडिया पर लोग यह आशंका भी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं कि हो सकता है नेपाल यह सब चीन के इशारे पर कर रहा हो।

भारत को बताया वायरस

भारत और नेपाल के बिगड़ते राजनयिक सम्बन्धों के बीच, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भारत पर नेपाल में कोरोना वायरस के प्रसार का दोष लगाया है। साथ ही, ‘भारतीय वायरस’ पर इटली और चीन में मौत के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस की तुलना में ‘अधिक वायरल’ होने का आरोप भी लगाया है।

उन्‍होंने कहा कि लोग गैर-कानूनी तरीके से भारत से नेपाल आ रहे हैं, वो देश में वायरस को काफी तेजी से फैला रहे हैं। ओली ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ स्‍थानीय प्रतिनिधि और पार्टी के नेता भी भारत से बिना टेस्टिंग के लोगों को नेपाल में लाने के लिए जिम्‍मेदार हैं। नेपाली पीएम के इन अपमानजनक बयानों का सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध हो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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