"स्कूलों और कॉलेजों में G-20 से जुड़े विषयों पर आयोजित की जा रही गतिविधियों में विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। G-20 से जुड़े कार्यक्रमों के बारे में सभी नागरिकों में बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है।"
अंग्रेज, भगतों को जबरदस्ती बंदी बना रहे थे, उन्हें शराब पिला रहे थे तथा यज्ञ कुंडों पर पशुओं की हत्या कर के उसे अपवित्र कर रहे थे। मानगढ़ में हुआ था नरसंहार।
मास्टर जी जी की दिलेरी का यह हाल था कि वो खाली समय में अपने दरवाज़े पर नियुक्त पुलिस वाले से पंजा लड़ा कर अपना वक्त गुज़ारा करते थे। झाँसी में उनके यहाँ ही रुके थे चंद्रशेखर आज़ाद।
टीपू सुल्तान की 5वीं बेटी की शादी थी, उसी दौरान भारतीय सिपाहियों ने वेल्लोर में विद्रोह कर दिया। 15 अंग्रेज अधिकारी समेत 200 अंग्रेजी सैनिक मार गिराए गए। इसके बाद अंग्रेजों ने अपना क्रूर खेल शुरू किया...
अल्लूरी सीताराम राजू को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने पैसा पानी की तरह बहाया। वो माँ काली की उपासना करते थे। क्रांति का ज्ञान उन्हें तीर्थाटन के दौरान मिला। वो धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ थे।
वायनाड में जनजातीय समाज के रमन नाम्बि का सिर काट कर उनके छोटे से बच्चे के सामने प्रदर्शित किया गया। उसी वायनाड में प्रियंका गाँधी कहती हैं कि अहिंसा से आज़ादी मिली। क्या ये ऐसे क्रांतिकारियों का अपमान नहीं?