जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद का यह मानना है कि एनएसए डोभाल से बातचीत करने के लिए कश्मीरियों को रुपए दिए गए। ट्विटर पर लोगों ने आजाद से पूछा की क्या कश्मीरी जनता बिकाऊ है? लोगों ने इसे न सिर्फ़ डोभाल बल्कि कश्मीर के लोगों का भी अपमान बताया।
कर्ण सिंह ने कहा, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने वाला निर्णय स्वागत योग्य है। अनुच्छेद 370 के कारण महिलाओं से जो भेदभाव किया जा रहा था, उसे ठीक करना ज़रूरी था। डॉक्टर सिंह ने लिखा कि 1965 में जब वे जम्मू कश्मीर के सदर-ए-रियासत थे, उन्होंने तभी राज्य के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया था।
जस्टिस रमना ने अधिवक्ता शर्मा को इन त्रुटियों को दूर करने को कहा और बताया कि इस मसले को उचित समयावधि के भीतर लिस्ट किया जाएगा। कॉन्ग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने भी कश्मीर में कर्फ्यू हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
भारत ने अनुच्छेद-370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर दिया। इसका असर न सिर्फ़ भारत में बल्कि सीमा पार पाकिस्तान में भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान इस निर्णय से बौखलाया हुआ है और भारत का आंतरिक मसला होने के बावजूद इसमें टाँग अड़ाने को आतुर है। आर्थिक महासंकट से जूझ रहे पाकिस्तान के संसद में ही सिर फुटव्वल देखने को मिला।
हाल ही में गिलगित बाल्टिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमित शाह के उस बयान का स्वागत किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीओके भी जम्मू कश्मीर का हिस्सा है और उसके लिए जान भी दे सकते हैं।
जुमे की नमाज और बकरीद को लेकर राज्यपाल ने समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे दूसरे राज्यों में पढाई कर रहे जम्मू कश्मीर के छात्रों को उनके परिवार से बात कराने के लिए टेलीफोन लाइन स्थापित किए जाएँ। राज्यपाल ने बकरीद पर घर न लौट पाने वाले छात्रों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने हेतु फंड भी जारी किया।
कभी वो सड़क किनारे खाना खाते हुए दिखे तो कभी पुलिस से बात करते हुए अपना अतीत याद करते हुए दिखे। जनता से सीधा संवाद कर उन्होंने सबका दिल जीत लिया। जम्मू कश्मीर में NSA अजीत डोभाल का एक अलग ही रूप दिखा। देखें वीडियो।
राज्य में स्थिति अभी संतोषप्रद है। बिजली और पानी से जुड़ी सेवाएँ सही से कार्य कर रही हैं और लोग रोजमर्रा की जरूरतों के सामान ख़रीदने के लिए घरों से निकल रहे हैं। सभी अस्पतालों में नियमित क्रियाकलाप चल रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि जब सरकार जम्मू कश्मीर की बात करती है तब वह न सिर्फ़ जम्मू, कश्मीर और लद्दाख बल्कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की भी बात करती है। पाकिस्तान में इस निर्णय से बौखलाहट का माहौल है।
इस मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हमने पीएम मोदी से कहा कि रियासत में कोई ऐसे कदम न उठाए जाएँ, जिससे वहाँ की स्थिति खराब हो। हमने 35-A और 370 का भी मामला उठाया। साथ ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की माँग की।"