NIA की टीम ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में चार व्यापारियों के घर छापा मारा। इनमें अलगाववादी नेता सज्जाद लोन के क़रीबी व्यापारी आसिफ़ लोन, तनवीर अहमद, तारिक अहमद और बिलाल भट शामिल हैं।
लाहौरी 30 मार्च को बनिहाल में सेना के काफिले को निशाना बना कर किए गए कार धमाके और पुलवामा के अरिहाल में 17 जून को सेना के वाहन पर किए धमाके में शामिल था, जिसमें दो सैनिकों की जान चली गई थी और नौ अन्य घायल हुए थे।
2016 में एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को सशस्त्र बलों ने मार गिराया था। 23 मई, 2019 को ज़ाकिर मूसा मारा गया था। मूसा अल-क़ायदा का कश्मीर प्रमुख था।
उप-ज़िला अस्पताल, बिजबेहारा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शौकत ने बताया कि अहमद के सीने में गोली के घाव थे और उसे मृत अवस्था में यहाँ लाया गया था। अज्ञात हमलावर ने अहमद की एके-47 भी छीन ली।
राज्य के कई गाँवों में 'विलेज डिफेंस कमिटी' गठित की गई है, जो भारतीय सुरक्षा बलों की देखरेख में काम करती है। लेकिन, पीडीपी ने सुरक्षा बलों को भी सांप्रदायिक रंग देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने कहा कि सिर्फ़ स्थानीय हिन्दुओं को हथियारों से लैस किया जा रहा है।
नदी के तट पर नगीना कपड़े धो रही थी कि अचानक उसका पाँव फ़िसल गया और वो नदी की तेज़ धाराओं के साथ बहने लगी। तभी वहाँ ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवानों ने उसकी आवाज़ सुनी। उन्होंने बिना देरी किए नगीना को बचाने के लिए नदी में छलाँग लगा दी।
खेल महानिदेशक सलीम-उर-रहमान ने बताया कि क्रिकेटर ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन गेंद नाज़ुक जगह पर लगी थी। उन्होंने बताया कि इस घटना से सभी बहुत आहत हैं, तमाम कोशिशों के बावजूद हम उभरते खिलाड़ी को बचाने में असमर्थ रहे।
महबूबा-अब्दुल्ला कहते हैं कि अमरनाथ यात्रा की वजह से कश्मीरियों को समस्या आ रही हैं, जबकि सच्चाई कुछ और ही है। असल में इस यात्रा की वजह से कश्मीर के कई लोगों का व्यापार चलता है और उन्हें इस यात्रा से रोज़गार मिलता है। नेताओं के बयानों से उलट, अमरनाथ यात्रा कश्मीरियों के लिए वरदान बन कर आती है।
जवाहिरी ने आतंकियों को यह हिदायत भी दी कि मस्जिदों व मुस्लिम बहुल स्थलों को निशाना न बनाएँ। ज़वाहिरी ने कहा कि पाकिस्तान जिहादियों का इस्तेमाल अपना राजनीतिक हित साधने के लिए करता है और बाद में धोखा दे देता है।
आसिया अंद्राबी के इस घर का इस्तेमाल आतंकी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की गतिविधियों के लिए किया गया। अब आसिया अंद्राबी अपने इस घर को तब तक नहीं बेच सकती है, जब तक इस पूरे मामले की जाँच खत्म न हो जाए।