सत्ता में रहते हुए गुलाम नबी आजाद ने भी तुष्टिकरण के उस एजेंडे को पूरी तरह लागू किया जिसकी कॉन्ग्रेस जनक रही है। उनकी 'उपलब्धियाँ' भी मुस्लिमों के राजनीतिक ठेकेदार जैसी ही हैं।
आतंकी जावेद मट्टू के भाई रईस ने पकिस्तान को भिखारी बताते हुए कहा कि कश्मीर में अब विकास हो रहा। शेहला रशीद बोलीं - मोदी सरकार में मानवाधिकार में हुआ सुधार।